श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान से दुख, कर्म और जीवन की उलझनों को समझाया गया। मौका था इस्कॉन लखनऊ की ओर से शहीद पथ स्थित श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर में दो दिवसीय ‘गीता रसामृतम-2’ महोत्सव का। रविवार को इसके दूसरे और अंतिम दिन कथा सुनने के लिए लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से हजारों भक्त पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु, इस्कॉन गर्ल्स फोरम की निदेशक अचिन्त्य रूपिणी माताजी, डीजी साइबर क्राइम वीके सिंह, उनकी पत्नी पुनीता सिंह, राहुल चंदानी प्रभुजी और अन्य वरिष्ठ भक्तों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। तीन सवालों से समझाया जीवन का रहस्य मंदिर अध्यक्ष और वक्ता अपरिमेय श्याम प्रभु ने कथा में कहा कि न चाहते हुए भी हम दुखी क्यों होते हैं? बुरे लोगों को दंड क्यों नहीं मिलता? और बुरी घटनाएं अच्छे लोगों के साथ क्यों होती हैं? इन सवालों को आध्यात्मिक दृष्टि से समझाया। उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों के साथ बुरा और बुरे लोगों के साथ अच्छा होना कर्मों से जुड़ा है। व्यक्ति के पुण्य जब तक साथ रहते हैं, तब तक उसका प्रभाव दिखाई देता है। छह ऐश्वर्यों से पूर्ण हैं श्रीकृष्ण उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण छह ऐश्वर्यों से पूर्ण हैं। वे पूर्ण ज्ञान, सौंदर्य, बल, धन, यश और वैराग्य से संपन्न हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्मों में ईश्वर को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है, लेकिन परम सत्ता एक ही है। जैसे सूर्य एक है, लेकिन अलग-अलग स्थानों और भाषाओं में उसके नाम अलग हो सकते हैं। संकीर्तन पर झूमे भक्त कार्यक्रम में गृहस्थ भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया। इसके बाद मुकुंदा रॉक बैंड की प्रस्तुति हुई। हरे कृष्ण महामंत्र की धुन पर हजारों भक्त नृत्य करते नजर आए। पूरा पंडाल भक्ति और संगीत से गूंज उठा। अंत में भक्तों ने भोजन प्रसाद का आनंद लिया।

