Kochi में जज के नाबालिग बेटे की Mercedes से टक्कर, स्कूटर सवार व्यक्ति की मौत

Kochi में जज के नाबालिग बेटे की Mercedes से टक्कर, स्कूटर सवार व्यक्ति की मौत

केरलम में रविवार तड़के एक नाबालिग द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज कार की टक्कर से दोपहिया वाहन सवार 54 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना चेरानेल्लूर के पास तड़के दो से तीन बजे के बीच हुई।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है और कार नाबालिग के पिता के नाम पर पंजीकृत है।

नाबालिग के पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए या नहीं, इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा। नाबालिग के पिता अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हैं। केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि मृतक के परिवार को जांच की दिशा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वाहनों से लोगों को कुचलने या उनकी जान लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चेन्निथला ने संवाददाताओं से कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कितने प्रभावशाली या ताकतवर हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में 14,000 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “वाहनों से सड़क पर लोगों को टक्कर मारकर उनकी जान लेना वास्तव में हत्या है। ऐसे मामलों में कोई भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। मैं आश्वस्त करता हूं कि जिम्मेदार लोगों की पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
इससे पहले दिन में, मृतक की भतीजी ने पत्रकारों को बताया कि उनके चाचा रोजी रोटी कमाने के लिए खाने-पीने का ठेला लगाते थे और दुर्घटना के समय घर लौट रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कार काफी तेज गति से चल रही होगी, क्योंकि उनके चाचा का स्कूटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और वह जो सामान ले जा रहे थे, वह दुर्घटनास्थल पर बिखरा पड़ा था। उन्होंने कहा, “उनकी मौके पर ही मौत हो गई।”
महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुलिस थाने में न्यायाधीश से पूछा कि उनके नाबालिग बेटे को कार चलाने की अनुमति कैसे दी गई, तो न्यायाधीश ने उनसे अपमानजनक तरीके से बात की। उन्होंने कहा, “हम इस मामले को आगे बढ़ाएंगे, खासकर न्यायाधीश के व्यवहार को देखते हुए।

यह घटना सभी के लिए सबक भी होनी चाहिए कि बिना लाइसेंस के वाहन नहीं चलाना चाहिए।”

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