नवादा में साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर एलआईसी एजेंट किशोरी प्रसाद गुप्ता(69) से 25 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरोप है कि अपराधियों ने खुद को सीबीआई, पुलिस और सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को छह दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। सुबह से रात तक वीडियो कॉल पर निगरानी रखी जाती थी। यहां तक कि उन्हें खाना खाने और सोने के दौरान भी कैमरा चालू रखने को कहा जाता था। मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का लगाया आरोप पीड़ित नवादा के पोस्टमार्टम रोड के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को फोन कर उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शामिल होने का आरोप लगाया गया। गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी देते हुए कहा गया कि उनके खाते में मौजूद रकम सीबीआई के बताए खाते में ट्रांसफर करनी होगी। जांच के बाद पैसा वापस करने और जमानत दिलाने का भरोसा दिया गया। किशोरी प्रसाद गुप्ता के मुताबिक, चार से पांच लोग अलग-अलग अधिकारी बनकर उनसे बात करते थे। एक व्यक्ति ने खुद को सीबीआई का एसपी बताया, जबकि दूसरे ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से बात कराने का दावा किया। 3 बार में 25.50 लाख किया ट्रांसफर अपराधियों ने किसी को जानकारी देने पर हत्या की धमकी भी दी। घर में अकेले रहने के कारण वह बुरी तरह डर गए और उनकी बातों में आकर पैसे ट्रांसफर कर दिए। 12 से 14 अक्टूबर के बीच तीन बार में कुल 25.50 लाख रुपए की ठगी हुई। 16 अक्टूबर को बेटी का फोन आने पर उन्होंने पूरी घटना बताई। बेटी ने साइबर ठगी का शिकार होने की बात समझाई, जिसके बाद पीड़ित ने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत की। मामले में 22 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया। नवादा की साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर न बताया कि ठगी की रकम करीब 200 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस सभी खातों को होल्ड कराने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले की जांच तेज कर दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। नवादा में साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर एलआईसी एजेंट किशोरी प्रसाद गुप्ता(69) से 25 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरोप है कि अपराधियों ने खुद को सीबीआई, पुलिस और सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को छह दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। सुबह से रात तक वीडियो कॉल पर निगरानी रखी जाती थी। यहां तक कि उन्हें खाना खाने और सोने के दौरान भी कैमरा चालू रखने को कहा जाता था। मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का लगाया आरोप पीड़ित नवादा के पोस्टमार्टम रोड के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को फोन कर उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शामिल होने का आरोप लगाया गया। गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी देते हुए कहा गया कि उनके खाते में मौजूद रकम सीबीआई के बताए खाते में ट्रांसफर करनी होगी। जांच के बाद पैसा वापस करने और जमानत दिलाने का भरोसा दिया गया। किशोरी प्रसाद गुप्ता के मुताबिक, चार से पांच लोग अलग-अलग अधिकारी बनकर उनसे बात करते थे। एक व्यक्ति ने खुद को सीबीआई का एसपी बताया, जबकि दूसरे ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से बात कराने का दावा किया। 3 बार में 25.50 लाख किया ट्रांसफर अपराधियों ने किसी को जानकारी देने पर हत्या की धमकी भी दी। घर में अकेले रहने के कारण वह बुरी तरह डर गए और उनकी बातों में आकर पैसे ट्रांसफर कर दिए। 12 से 14 अक्टूबर के बीच तीन बार में कुल 25.50 लाख रुपए की ठगी हुई। 16 अक्टूबर को बेटी का फोन आने पर उन्होंने पूरी घटना बताई। बेटी ने साइबर ठगी का शिकार होने की बात समझाई, जिसके बाद पीड़ित ने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत की। मामले में 22 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया। नवादा की साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर न बताया कि ठगी की रकम करीब 200 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस सभी खातों को होल्ड कराने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले की जांच तेज कर दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

