लखनऊ फिल्म फेस्टिवल और इमैजिनेरियम 2026 का समापन:AI, एनीमेशन और गेमिंग पर हुई चर्चा; फिल्मों को मिले अवॉर्ड

लखनऊ फिल्म फेस्टिवल और इमैजिनेरियम 2026 का समापन:AI, एनीमेशन और गेमिंग पर हुई चर्चा; फिल्मों को मिले अवॉर्ड

लखनऊ फिल्म फेस्टिवल सीजन-4 और ‘इमैजिनेरियम 2026’ का शनिवार को एसआरएस सिनेमा, गोमती नगर में भव्य समापन हो गया। दो दिन के फेस्टिवल में सिनेमा के साथ एनीमेशन, गेमिंग और एआई तकनीक की झलक देखने को मिली। दूसरे दिन की शुरुआत एआई और एनीमेशन फिल्मों की स्क्रीनिंग से हुई। ‘स्प्रिंग इन ए बॉटल’, ‘ट्रेडिंग कार्ड्स’, ‘अंटिल कैन फ्लाई’ और ‘द ब्रिज’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद ‘AI: द न्यू कैनवस’ विषय पर राजेश भाटिया और भरत अरोड़ा ने मास्टरक्लास ली। फिल्म निर्माण में एआई के बढ़ते इस्तेमाल और इसके रचनात्मक पहलुओं पर चर्चा हुई। एनीमेशन फिल्म निर्माता वैभव कुमारेश ने ‘रिटर्न टू द जंगल’ पर मास्टरक्लास ली। उन्होंने फिल्म की तकनीकी और रचनात्मक प्रक्रिया बताई। गेमिंग के भविष्य पर मंथन दोपहर में ‘बेस्ट ऑफ पोलिश एनीमेशन फिल्म पैकेज’ के तहत अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद संवाद सत्र हुआ। ‘लेवल अप: द फ्यूचर ऑफ गेमिंग’ पैनल में गेमिंग इंडस्ट्री के भविष्य पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने भारत में गेमिंग के बढ़ते बाजार और संभावनाओं पर विचार रखे। इन फिल्मों ने जीते अवॉर्ड फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और उभरती प्रतिभाओं को नवनीत सहगल और वंदना सहगल ने सम्मानित किया गया। ‘स्लो डेटिंग’ को सर्वश्रेष्ठ क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला। ‘कारटापेस्ता’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री और ‘ट्रेडिंग कार्ड्स’ को सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन अवॉर्ड दिया गया। ‘स्प्रिंग इन ए बॉटल’ सर्वश्रेष्ठ एआई-असिस्टेड फिल्म चुनी गई। ‘अंटिल कैन फ्लाई’ ने चयनित फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन का पुरस्कार जीता। एआई हैकाथॉन के विजेताओं को भी सम्मान मिला। आशा भोंसले के गाने भी चर्चा में महोत्सव का समापन ऑस्कर के लिए नामांकित फिल्म ‘पारो’ की स्क्रीनिंग से हुआ। इसके बाद तृप्ति विलास भोइर के साथ सवाल-जवाब सत्र हुआ। फेस्टिवल निदेशक रेणुका टंडन ने कहा कि लखनऊ फिल्म फोरम पारंपरिक सिनेमा और आधुनिक तकनीक के बीच सेतु बनाने का काम कर रहा हैं। आयोजन में संगीत की दुनिया की सदाबहार गायिका आशा भोंसले के गानों का भी जिक्र हुआ। दम मारो दम, पिया तू अब तो आजा, झुमका गिरा रे जैसे गाने आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं।

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