हनुमानगढ़ में एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की तहसील इकाई ने शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें दीपावली से पहले शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों का लंबित भुगतान जारी करने की मांग की गई। एसोसिएशन ने प्रारंभिक, सेकेंडरी और प्री-प्राइमरी कक्षाओं की बकाया राशि जल्द देने को कहा। संगठन मंत्री राजेश मिड्ढा और तहसील अध्यक्ष विजय सिंह चौहान ने बताया कि आरटीई के तहत स्कूल गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन भुगतान अटका है। कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला भुगतान
चौहान ने बताया कि भुगतान अटकने से स्कूलों को आर्थिक परेशानी हो रही है। सत्र 2022-23 से 2026-27 तक का प्री-प्राइमरी भुगतान कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला। साथ ही, सत्र 2024-25 की दूसरी किस्त 15 स्कूलों को नहीं मिली है। समय पर पैसा नहीं मिलने से शिक्षकों का वेतन, बिल और अन्य खर्चे पूरे करने में दिक्कत आ रही है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से तुरंत निर्देश देने की अपील की है, ताकि दीपावली से पहले यह राशि मिल सके। ‘बेहतर ढंग से मना सकेंगे त्योहार’
प्रतिनिधियों ने कहा कि समय पर पुनर्भरण राशि जारी होने से निजी विद्यालयों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को वेतन और अन्य देय भुगतान करने में मदद मिलेगी, जिससे उनके परिवार भी दीपावली का त्योहार बेहतर ढंग से मना सकेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा, निशांत झोरड़, लोकेश शर्मा, शिव कुमार, संदीप झाझड़िया, जोरा सिंह, गुरप्रीत सिंह, शिंटू मिश्रा, दीपक कश्यप, सरवन शर्मा, विनोद कुमार, मनोज कुमार, मनजीत कुमार, महावीर प्रसाद, पवन शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

