70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति, पीएम आवास रोका:बिलासपुर में भू-स्वामी योजना के लाभ को लेकर विवाद, नायब-तहसीलदार के खिलाफ मां-बेटी की शिकायत

70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति, पीएम आवास रोका:बिलासपुर में भू-स्वामी योजना के लाभ को लेकर विवाद, नायब-तहसीलदार के खिलाफ मां-बेटी की शिकायत

बिलासपुर के शहर से लगे ग्राम पंचायत ढेका में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ गया है। भू-स्वामी योजना के तहत 70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति पर स्थगन आदेश जारी होने के बाद नायब तहसीलदार ने पंचायत से मंजूर प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण पर रोक लगा दी है। इससे परेशान मां-बेटी ने नायब तहसीलदार के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत की है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। अब जानिए पूरा मामला ढेका की रहने वाली अंबालिका सिंह और विमला सिंह ने शिकायत में बताया कि गांव के खसरा नंबर 41/22 और 41/26 की जमीन सरकारी आबादी की है। इस जमीन पर उनका कई सालों से कब्जा है। इसी आधार पर ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत ने साल 2018 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि मंजूर की थी। मकान का निर्माण 2023-24 में शुरू हुआ था। पहली किश्त मिलने के बाद दूसरी किश्त की राशि नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इससे मकान अधूरे रह गए। अब पंचायत ने दूसरी किश्त की राशि जारी कर दी है, जिसके बाद उन्होंने दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया है। पहले ही जांच कर चुके हैं राजस्व अधिकारी अंबालिका सिंह और विमला सिंह ने शिकायत में बताया कि उनकी जमीन पर कब्जे को लेकर पहले भी राजस्व विभाग जांच कर चुका है। उस समय तहसीलदार की जांच में मौके पर दोनों का कब्जा पाया गया था। इसके आधार पर राजस्व अधिकारियों ने रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज करने की सिफारिश भी की थी। 70 एकड़ जमीन के मालिक की आपत्ति पर कार्रवाई का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव में नहीं रहने वाले करीब 70 एकड़ जमीन के मालिक भूपेंद्र सिंह गांधी की आपत्ति पर यह कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि पंचायत से मंजूर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान बन रहे थे, लेकिन नायब तहसीलदार विनिता शर्मा ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। इससे उनके मकान अधूरे पड़े हैं। मां-बेटी का कहना है कि वे शिकायत लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। जांच अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल शिकायत के मुताबिक, भूपेंद्र सिंह गांधी ने दोबारा जांच के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद मामले की जांच नायब तहसीलदार विनिता शर्मा को सौंपी गई। अंबालिका सिंह और विमला सिंह का आरोप है कि मौके का निरीक्षण करने के बाद आसपास रहने वाले लोगों से ठीक से पूछताछ नहीं की गई। उन्हें आशंका है कि जांच में दूसरे पक्ष को फायदा पहुंचाया जा सकता है। दूसरे अधिकारी से जांच कराने की मांग दोनों शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर और एसडीएम को आवेदन देकर मांग की है कि मामले की जांच नायब तहसीलदार विनिता शर्मा की जगह किसी दूसरे अधिकारी को सौंपी जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच होने से जमीन पर कब्जे, भू-स्वामी योजना के लाभ और प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान बनाने पर रोक लगाने की कार्रवाई की सच्चाई सामने आएगी। दूसरे पक्ष ने भी सरकारी जमीन पर किया है दावा नायब तहसीलदार विनिता शर्मा के मुताबिक, भूपेंद्र सिंह गांधी ने भू-स्वामी योजना के तहत सरकारी आबादी की जमीन पर दावा किया है। उन्होंने जमीन पर कब्जे से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने पर आपत्ति जताई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। नायब तहसीलदार बोलीं- न्यायालय में चल रहा है केस नायब तहसीलदार विनिता शर्मा के मुताबिक, ग्राम पंचायत ढेका में भू-स्वामी योजना के तहत अंबालिका सिंह, विमला सिंह और भूपेंद्र गांधी ने जमीन पर अपना-अपना दावा किया है। इस विवाद को लेकर मामला न्यायालय में चल रहा है और दोनों पक्षों से जवाब मांगा गया है। विवादित जमीन पर निर्माण रोकने के लिए आवेदन दिया गया था। इसी आधार पर नियमानुसार स्थगन आदेश जारी किया गया है। एसडीएम बोलीं- मामले की जानकारी नहीं, पता लगाएंगी वहीं, एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर शिकायत मिली है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पंचायत से मंजूर प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई है, इसकी भी जानकारी ली जाएगी।

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