लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत अब तक 1,567 आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना का लाभ लेने वाले लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण में हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां तैनात कर्मचारी आवेदकों को योजना की जानकारी देने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन करने में भी मदद कर रहे हैं। एलडीए के मुताबिक, शुक्रवार शाम छह बजे तक योजना के तहत 1,567 आवेदन मिल चुके थे। इस बार योजना में मानचित्र और शमन मानचित्र से जुड़े बकायेदारों को भी शामिल किया गया है। जिन लोगों ने मानचित्र शुल्क की किश्तें समय पर जमा नहीं की हैं, उन्हें भी निर्धारित नियमों के तहत दंड ब्याज से राहत मिलेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पात्र बकायेदार 15 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के लिए कॉल सेंटर और आईटी अनुभाग के माध्यम से फोन कॉल, मैसेज और ई-मेल भेजे जा रहे हैं। तीन महीने में होगा आवेदन का निस्तारण योजना के तहत आवेदन जमा करने की तारीख से तीन महीने के भीतर उसका निस्तारण किया जाएगा। बकायेदारों को डिफॉल्ट अवधि के दंड ब्याज से पूरी छूट मिलेगी। उन्हें केवल साधारण ब्याज देना होगा, जिसकी गणना सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी। वहीं, ओटीएस की पूरी रकम 30 दिन के भीतर जमा करने पर दो प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। 50 लाख से अधिक की रकम किस्तों में जमा होगी यदि ओटीएस के तहत देय राशि 50 लाख रुपये से अधिक है, तो आवेदक को 30 दिन के भीतर कुल रकम का एक तिहाई जमा करना होगा। शेष राशि छह महीने में तीन द्विमासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। निर्धारित समय पर भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त दंड ब्याज देना होगा। ऐसे मामलों में बकाया राशि जमा करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त मौका देने का प्रावधान भी है।

