बक्सर के वासुदेवा थाना क्षेत्र के बिंद टोली गांव में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यहां फर्नीचर बनाने की आड़ में कथित तौर पर अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। एएसपी भास्कर रंजन के नेतृत्व में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। मौके से तैयार और आधे बने हथियारों के साथ उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। फर्नीचर की आड़ में हथियार बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, बिंद टोली में अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर छापेमारी की गई। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान वासुदेवा बिंद टोली निवासी बिगन बिंद और नावानगर थाना क्षेत्र के संतोष शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि हथियार निर्माण से जुड़े नेटवर्क की जानकारी मिल सके। 2 कट्टा, एकनाली बंदूक और 6 कारतूस जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो देसी कट्टा, एक एकनाली बंदूक, एक आधा बना देसी कट्टा, छह कारतूस और एक खोखा बरामद किया। इसके अलावा 22 ग्राम गांजा भी जब्त किया गया है। हथियार बनाने के कई उपकरण बरामद पुलिस ने मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। इनमें दो आधे बने बैरल, 26 छेनी के टुकड़े, 20 लोहे के उपकरण, दो ट्रीमर, दो हैमर, चार प्लास, आठ सरसी, लोहे काटने वाली कैंची, पाइप, रेती, हथौड़ी, रेमर, लोहे की निहाई, पुरानी ग्रेडर मशीन, हवा देने वाली भट्ठी और 13 स्प्रिंग शामिल हैं। आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज मामले में वासुदेवा थाना कांड संख्या 125/26, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध हथियार बनाने का काम कब से चल रहा था, तैयार हथियारों की आपूर्ति कहां की जाती थी और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। 2024 में चंदा गांव में भी पकड़ी गई थी मिनी गन फैक्ट्री अनुमंडल क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण का मामला पहले भी सामने आ चुका है। 31 अगस्त 2024 को नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया था। उस दौरान एक पिस्तौल के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले 35 टाइगर प्लेट, 36 कॉर्क रॉड, 33 बैरल और 20 बट बरामद किए गए थे। पुलिस ने तीन ड्रिल मशीन, एक लेथ मशीन, एक ग्राइंडर और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए थे। उस मामले में सात आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की तलाश वासुदेवा में एक बार फिर मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद अवैध हथियार निर्माण और उनकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जांच अहम हो गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन शामिल हैं। बक्सर के वासुदेवा थाना क्षेत्र के बिंद टोली गांव में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यहां फर्नीचर बनाने की आड़ में कथित तौर पर अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। एएसपी भास्कर रंजन के नेतृत्व में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। मौके से तैयार और आधे बने हथियारों के साथ उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। फर्नीचर की आड़ में हथियार बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, बिंद टोली में अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर छापेमारी की गई। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान वासुदेवा बिंद टोली निवासी बिगन बिंद और नावानगर थाना क्षेत्र के संतोष शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि हथियार निर्माण से जुड़े नेटवर्क की जानकारी मिल सके। 2 कट्टा, एकनाली बंदूक और 6 कारतूस जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो देसी कट्टा, एक एकनाली बंदूक, एक आधा बना देसी कट्टा, छह कारतूस और एक खोखा बरामद किया। इसके अलावा 22 ग्राम गांजा भी जब्त किया गया है। हथियार बनाने के कई उपकरण बरामद पुलिस ने मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। इनमें दो आधे बने बैरल, 26 छेनी के टुकड़े, 20 लोहे के उपकरण, दो ट्रीमर, दो हैमर, चार प्लास, आठ सरसी, लोहे काटने वाली कैंची, पाइप, रेती, हथौड़ी, रेमर, लोहे की निहाई, पुरानी ग्रेडर मशीन, हवा देने वाली भट्ठी और 13 स्प्रिंग शामिल हैं। आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज मामले में वासुदेवा थाना कांड संख्या 125/26, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध हथियार बनाने का काम कब से चल रहा था, तैयार हथियारों की आपूर्ति कहां की जाती थी और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। 2024 में चंदा गांव में भी पकड़ी गई थी मिनी गन फैक्ट्री अनुमंडल क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण का मामला पहले भी सामने आ चुका है। 31 अगस्त 2024 को नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया था। उस दौरान एक पिस्तौल के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले 35 टाइगर प्लेट, 36 कॉर्क रॉड, 33 बैरल और 20 बट बरामद किए गए थे। पुलिस ने तीन ड्रिल मशीन, एक लेथ मशीन, एक ग्राइंडर और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए थे। उस मामले में सात आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की तलाश वासुदेवा में एक बार फिर मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद अवैध हथियार निर्माण और उनकी आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जांच अहम हो गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।

