औरंगाबाद- दिवाली और छठ को लेकर प्रशासन अलर्ट:सुरक्षा व्यवस्था चुस्त करने का निर्देश; मुख्य सचिव की अध्यक्षता में डीएम, एसपी के साथ हुई बैठक

औरंगाबाद- दिवाली और छठ को लेकर प्रशासन अलर्ट:सुरक्षा व्यवस्था चुस्त करने का निर्देश; मुख्य सचिव की अध्यक्षता में डीएम, एसपी के साथ हुई बैठक

आगामी दीपावली एवं छठ महापर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में 22 अक्टूबर को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। इसमें औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने भी भाग लिया। बैठक में त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बरतने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दीपावली और छठ के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाए जाएं। त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता बताई गई। जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि पर्व के दौरान जिले में शांति, सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनी रहे। दीपावली पर अग्नि सुरक्षा और पटाखों के नियमों के पालन पर जोर दीपावली के मद्देनजर बैठक में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा की गई। पटाखों के उपयोग से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने तथा अग्निशमन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने पर जोर दिया गया। त्योहार के दौरान आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां रखने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने की जरूरत बताई गई। प्रशासन का उद्देश्य है कि दीपावली के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों के अनुपालन और संभावित जोखिम वाले स्थानों पर सतर्कता बरतने को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि त्योहारों के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित माहौल में पर्व मना सकें। छठ घाटों पर सफाई, रोशनी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था होगी सुनिश्चित छठ महापर्व के मद्देनजर घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में छठ घाटों की साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सुरक्षा प्रबंध और भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने की जरूरत बताई गई। छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर सुरक्षित आवागमन, भीड़ का उचित प्रबंधन और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी। जिला प्रशासन को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते तैयारियां पूरी करने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया। समाहरणालय, औरंगाबाद की ओर से 23 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला प्रशासन आगामी दीपावली एवं छठ महापर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति एवं सद्भाव के साथ मनाएं। आगामी दीपावली एवं छठ महापर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में 22 अक्टूबर को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। इसमें औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने भी भाग लिया। बैठक में त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बरतने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दीपावली और छठ के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाए जाएं। त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता बताई गई। जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि पर्व के दौरान जिले में शांति, सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनी रहे। दीपावली पर अग्नि सुरक्षा और पटाखों के नियमों के पालन पर जोर दीपावली के मद्देनजर बैठक में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा की गई। पटाखों के उपयोग से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने तथा अग्निशमन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने पर जोर दिया गया। त्योहार के दौरान आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां रखने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने की जरूरत बताई गई। प्रशासन का उद्देश्य है कि दीपावली के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों के अनुपालन और संभावित जोखिम वाले स्थानों पर सतर्कता बरतने को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि त्योहारों के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित माहौल में पर्व मना सकें। छठ घाटों पर सफाई, रोशनी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था होगी सुनिश्चित छठ महापर्व के मद्देनजर घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में छठ घाटों की साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सुरक्षा प्रबंध और भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने की जरूरत बताई गई। छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर सुरक्षित आवागमन, भीड़ का उचित प्रबंधन और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी। जिला प्रशासन को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते तैयारियां पूरी करने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया। समाहरणालय, औरंगाबाद की ओर से 23 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला प्रशासन आगामी दीपावली एवं छठ महापर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति एवं सद्भाव के साथ मनाएं।  

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