Ghazal Singer Talat Aziz Emotional Note: दिग्गज गजल गायक तलत अजीज ने मुंबई स्थित अपने घर में लगी आग से हुए नुकसान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। उन्होंने अपनी कीमती चीजों और अनमोल यादों के खो जाने पर गहरा दुख जताया है। बता दे कि बीती 2 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके की एक रिहायशी इमारत में आग लग गई थी। इस हादसे के कुछ लगभग 21 दिन बाद, 69 वर्षीय गायक ने अपने घर को हुए नुकसान की झलक दिखाई।
जुहू स्थित घर में आग लगने के बाद हुए नुकसान के बारे में तलत अजीज ने बताया
तस्वीरें शेयर करते हुए, तलत ने एक भावुक नोट लिखा। उन्होंने अपने नुकसान पर बात की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि आग में कई कीमती कलाकृतियां और ऐसी अनमोल चीजें जल गईं, जिनसे उनकी बहुत सी यादें और भावनाएं जुड़ी हुई थीं।
इसके आगे उन्होंने कहा, “यह नुकसान सिर्फ भौतिक चीजों का नहीं है। अपनी चीजों के साथ-साथ, हमने अनगिनत यादें, कीमती कलाकृतियां और ऐसी अनमोल वस्तुएं खो दी हैं, जिनसे जुड़ी कहानियों और भावनाओं की भरपाई दुनिया के किसी भी पैसे से नहीं की जा सकती।”
‘अपने अनमोल घर को फिर से बनाने की कठिन चुनौती’
गायक ने आगे आने वाले मुश्किल सफर का भी जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और उनके परिवार को अपना घर शुरुआत से दोबारा बनाना होगा। उन्होंने लिखा, “अब हमारे सामने अपने अनमोल घर को फिर से बनाने की एक बड़ी चुनौती है। हमें बिखरी हुई चीजों को समेटना है और पूरे विश्वास, धैर्य और उम्मीद के साथ आगे बढ़ना है।”
दोस्तों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया
तलत ने इस मुश्किल समय में संदेश भेजने, प्रार्थना करने और समर्थन देने के लिए अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उनके इस स्नेह और दयालुता का उनके और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा महत्व है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
कौन हैं तलत अजीज?
तलत अजीज भारतीय गजल संगीत जगत के जाने-माने नामों में से एक हैं। वे अपने लोकप्रिय सूफी और गजल गीतों के लिए जाने जाते हैं, जिनमें ‘दमादम मस्त कलंदर’ भी शामिल है।
गायक ने संगीत की शुरुआती शिक्षा किराना घराने से ली थी, जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तानी गजल उस्ताद मेहंदी हसन से भी संगीत सीखा। 1980 में, दिग्गज गायक जगजीत सिंह ने तलत को उनका पहला एल्बम रिलज़ करने में मदद की। यह एल्बम उनके करियर में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ और इसने उन्हें गजल संगीत में एक प्रमुख आवाज के रूप में स्थापित किया।

