इंफोसिस का मुनाफा 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़:दूसरी तिमाही में रेवेन्यू भी 11% बढ़ा; कंपनी निवेशकों को हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड देगी

इंफोसिस का मुनाफा 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़:दूसरी तिमाही में रेवेन्यू भी 11% बढ़ा; कंपनी निवेशकों को हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड देगी

देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने इस साल की जुलाई से सितंबर वाली तिमाही के नतीजे आज 23 अक्टूबर को जारी किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹49,244 करोड़ का रेवेन्यू किया है, जो पिछले साल इसी समय हुए ₹44,490 करोड़ के रेवेन्यू से 11% ज्यादा है। कमाई बढ़ने के साथ ही कंपनी का मुनाफा भी 6% बढ़ा है। इस तिमाही में इंफोसिस को ₹7,823 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि में ₹7,364 करोड़ रहा था। साथ ही कंपनी निवेशकों को हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड देगी। कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं। रिजल्ट से जुड़े फाइनेंशियल टर्म्स का आसान मतलब इंफोसिस के शेयर 2026 में अब तक 30% टूटे शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.04% की बढ़त के साथ ₹1,153 पर बंद हुआ। इस साल 2026 में अब तक कंपनी का शेयर 30% गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में करीब 13% की गिरावट आई है, यानी इंफोसिस का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। इंफोसिस का मार्केट कैप लगभग ₹4.78 लाख करोड़ है। कंपनी की मजबूत सेहत के 5 संकेत नारायण मूर्ति ने 1981 में की थी कंपनी की शुरुआत इंफोसिस एक बड़ी भारतीय आईटी कंपनी है, जो 1981 में बैंगलोर में शुरू हुई। ये कंसल्टिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड और AI जैसी सर्विसेज देती है और दुनिया भर में 3 लाख से ज्यादा एम्प्लॉई हैं। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख है। इंफोसिस को 1981 में नारायण मूर्ति ने छह साथियों के साथ शुरू किया था। नंदन नीलकेणी, क्रिस गोपालकृष्णन, एस.डी. शिबुलाल, के. दिनेश, एन.एस. राघवन और अशोक अरोड़ा। मूर्ति को इसका मुख्य फाउंडर माना जाता है। ये सिर्फ 250 डॉलर से शुरू हुई थी।

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