पहली बार अमेरिका में पंजाबी के नाम पर कानून:घोड़ा-गाड़ी पर बैन लगा; पठानकोट के 18 साल के युवक की मौत के बाद फैसला

पहली बार अमेरिका में पंजाबी के नाम पर कानून:घोड़ा-गाड़ी पर बैन लगा; पठानकोट के 18 साल के युवक की मौत के बाद फैसला

अमेरिका में पहली बार किसी पंजाबी के नाम पर कानून बना है। न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे में जान गंवाने वाले पठानकोट के 18 साल के रोमांच महाजन के नाम पर अब ‘रोमांच लॉ’ पास हो गया है। इसके तहत न्यूयॉर्क की सड़कों पर 150 साल पुरानी पारंपरिक घोड़ा-गाड़ियों पर बैन लगाया जाएगा। पहले इस कानून को ‘राइडर लॉ’ कहा जाता था। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में इसके पक्ष में 40 वोट पड़े, जबकि 7 सदस्यों ने विरोध किया। 2 सदस्य मतदान से दूर रहे। रोमांच अपने परिवार के साथ अमेरिका घूमने गया था। सेंट्रल पार्क में जिस घोड़ा-गाड़ी में वह बैठा था, उसका घोड़ा अचानक बिदक गया। इस दौरान उसकी मां प्रिया गाड़ी से गिर गईं। उन्हें बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, लेकिन रोमांच के सिर पर गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई। क्या है रोमांच लॉ, जिसका बदला गया नाम? यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इसको समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सिटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक पर सहमति दी है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में न्यूयॉर्क में हुई कई सर्वे के अनुसार, 70% लोग घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। लोगों का मानना है कि घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। ट्री ऑफ लाइफ पर नाम लिखवाने वाले भी पहले भारतीय रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि PETA का ‘ट्री ऑफ लाइफ’ मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है। यह उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा, “रोमांच महाजन की प्यारी याद में- पशुओं का एक फरिश्ता।” पठानकोट स्थित रोमांच के घर में माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। पिता बोले- दर्द हमेशा रहेगा, लेकिन दूसरों की जान बच सकेगी दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है, लेकिन सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। रोमांच के हादसे के बाद मिस्र, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग्वे में घोड़ा-गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा, PETA के ‘ट्री ऑफ लाइफ’ में पहले भारतीय के नाम का जुड़ना और अमेरिका में पहले भारतीय के नाम पर कानून ‘रोमांच लॉ’ बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। अब जानिए रोमांच की कैसे गई थी जान… पिता पठानकोट में चलाते हैं टूर ट्रैवल का बिजनेस रोमांच के पिता दीपक महाजन पठानकोट में ऑप्युलेंस टूर के नाम से ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। दादा रमेश शहर में ज्वेलरी कारोबार चला रहे हैं। इसके इलावा दीपक का परिवार शहर में होटल, ज्यूलर्स कारोबार से जुड़ा है। ————————- यह भी पढ़ें… न्यूयॉर्क में घोड़ा-गाड़ी पलटी, पंजाबी युवक की मौत-VIDEO:सिर में चोट लगी, चालक ने लगाम छोड़ सेल्फी ली, घोड़ा बेकाबू हुआ; पहली बार US आया पंजाब के पठानकोट से अमेरिका घूमने गए 18 वर्षीय पंजाबी युवक की घोड़ा-गाड़ी से गिरकर मौत हो गई। युवक परिवार के साथ पहली बार न्यूयॉर्क के मशहूर ‘सेंट्रल पार्क’ घूमने आया था। यहां युवक एक घोड़ा-गाड़ी (हॉर्स कैरिज) की सवारी करने लगा। पूरी खबर पढ़ें…

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