Beau’s Lines: नाखूनों पर दिखने वाली आड़ी लकीरें हो सकती हैं बीमारी का संकेत, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें क्या हैं ब्यूज लाइन्स

Beau’s Lines: नाखूनों पर दिखने वाली आड़ी लकीरें हो सकती हैं बीमारी का संकेत, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें क्या हैं ब्यूज लाइन्स

Beau’s Lines Symptoms: सुबह ऑफिस जाने के लिए टाई बांधते वक्त या लैपटॉप पर टाइप करते अचानक अगर आपकी नजर अपने नाखूनों पर पड़े और आपको उस पर आड़े गड्ढे या खुरदरी लाइनें दिखाई दें, तो इसे मामूली समझकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। ये निशान कोई आम कमजोरी या मामूली खरोंच नहीं हैं, बल्कि मेडिकल भाषा में इन्हें ‘ब्यूज लाइन्स’ (Beau’s lines) कहा जाता है। रोजमर्रा की जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन हमारे नाखून इस बात का खुला आईना होते हैं कि हमारे अंदर क्या चल रहा है। जब शरीर पर कोई गंभीर अंदरूनी दबाव या बीमारी आती है, तो वह सबसे पहले हमारी ग्रोथ रोककर इन लाइनों के ज़रिए अपना हाल बयां करता है।

क्या होती हैं ये ब्यूज लाइन्स और ये दिखती कैसी हैं?

साइंसडायरेक्ट के मुताबिक, ये नाखूनों की सतह पर आर-पार जाने वाले हॉरिजॉन्टल (आड़े) गड्ढे या उभार होते हैं। ऐसा लगता है जैसे किसी ने नाखून के बीच में चाकू से हल्का सा निशान बना दिया हो। ये आपके हाथ या पैर, किसी भी नाखून पर उभर सकते हैं। जब भी शरीर किसी भारी शारीरिक तनाव, बीमारी या सदमे से गुज़रता है, तो नेल मैट्रिक्स (वह हिस्सा जहां से नाखून बढ़ना शुरू होता है) अपनी ऊर्जा को उस बीमारी से लड़ने में लगा देता है। इस कारण से नाखून की ग्रोथ कुछ समय के लिए रुक जाती है और जब वह दोबारा बढ़ती है, तो वहां एक गहरा खांचा या लकीर बन जाती है।

किन वजहों और बीमारियों से उभरती हैं ये लाइनें?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, अगर आपको अपने नाखूनों पर ऐसी धारियां दिख रही हैं, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं;

  • तेज बुख़ार या संक्रमण।
  • गंभीर शारीरिक या मानसिक तनाव।
  • पोषण की भारी कमी।
  • चोट या नेल ट्रीटमेंट।
  • डायबिटीज का अनियंत्रित होना, थायराइड की समस्या।

यह कब बन जाता है गंभीर?

हर आड़ी लकीर खतरनाक नहीं होती, लेकिन अगर ये लाइनें आपके लगभग सभी नाखूनों पर साफ-साफ उभर आई हैं और इनकी मोटाई या गहराई ज्यादा है, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर के भीतर कोई पुरानी या गंभीर समस्या चल रही है। अगर आपको इन लाइनों के साथ-साथ कमजोरी, सांस फूलना, पैरों में सुन्नपन या लगातार वजन घटने जैसी दिक्कतें महसूस हो रही हैं, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें। नाखून धीरे-धीरे नीचे से ऊपर बढ़ते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह ठीक होने में लगभग 6 महीने का वक्त लग सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

यदि आपको समझ नहीं आ रहा कि ये लाइनें क्यों बनी हैं, या फिर आपके शरीर में पहले से डायबिटीज या कोई अन्य क्रॉनिक बीमारी है, तो बिना देर किए किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट या डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर इन निशानों की गहराई और आपकी मेडिकल हिस्ट्री को देखकर असली वजह का पता लगाते हैं। मुख्य बीमारी या समस्या का इलाज होते ही नए और चिकने नाखून खुद-ब-खुद उगने शुरू हो जाते हैं। तब तक सैलून के महंगे प्रोडक्ट्स के चक्कर में पड़ने के बजाय अपने खान-पान और सेहत पर ध्यान दें, क्योंकि असली खूबसूरती अंदरूनी सेहत से जुड़ी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *