IPS भानू प्रताप की पत्नी बोलीं-घर से निकाला-बेटी छीन ली:अब CM हाउस के बाहर धरने पर बैठूंगी; दोनों की हुई थी लव मैरिज

IPS भानू प्रताप की पत्नी बोलीं-घर से निकाला-बेटी छीन ली:अब CM हाउस के बाहर धरने पर बैठूंगी; दोनों की हुई थी लव मैरिज

‘जब भानु प्रताप सिंह IPS अधिकारी नहीं बने थे, तब हम दोनों के बीच सब कुछ ठीक था, लेकिन साल 2021 में आईपीएस बनने के बाद उनका नेचर बदल गया। वे मुझसे तलाक लेना चाहते हैं। पति के संघर्ष के दिनों में मैंने उनका साथ दिया, लेकिन अब मुझे ही अपने वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पति-ससुराल वालों ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और घर से निकाल दिया। 6 साल की बेटी को मुझसे दूर कर दिया। बच्ची से बात तक नहीं कराई जाती है। 30 अक्टूबर तक मेरी समस्या का समाधान नहीं हुआ या मुझे मेरी बेटी से नहीं मिलाया गया, तो मैं मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठूंगी।’ ये बातें खगड़िया के एसपी और 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने कही हैं। दोनों के बीच पारिवारिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आईपीएस की पत्नी ने रिश्ते को लेकर और क्या कहा, क्या मिन्नतें की और वे क्या चाहती हैं, पढ़ें रिपोर्ट… ‘मां के लिए बेटी से दूर रहना बेहद पीड़ादायक’ पूजा अपनी बेटी का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने मेरे साथ ठीक नहीं किया। मुझे घर में नहीं रहने दिया। मेरी बेटी अभी मात्र 6 साल की है। वो अभी बहुत छोटी है और पति ने उसे मुझसे दूर कर दिया है। पूजा के मुताबिक, मैं लंबे समय से अपनी बच्ची से मिलने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन मुझे बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि फोन पर बात करने तक का मौका नहीं दिया जा रहा है। मां होने के नाते बेटी से दूर रहना मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है। बड़े पुलिस अधिकारियों पक्ष लेने का आरोप पूजा ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भानु प्रताप सिंह के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके प्रभाव के कारण मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। मैंने पहले बिहार के डीजीपी से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी थी। उस समय आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। पुलिस विभाग के अधिकारी पति का बचाव कर रहे हैं और मेरी बात को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। ससुराल में भी दे चुकीं धरना IPS भानुप्रताप सिंह पत्नी पूजा कुछ महीनों पहले राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने पहुंची थीं। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं। ‘जब भानु प्रताप सिंह IPS अधिकारी नहीं बने थे, तब हम दोनों के बीच सब कुछ ठीक था, लेकिन साल 2021 में आईपीएस बनने के बाद उनका नेचर बदल गया। वे मुझसे तलाक लेना चाहते हैं। पति के संघर्ष के दिनों में मैंने उनका साथ दिया, लेकिन अब मुझे ही अपने वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पति-ससुराल वालों ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और घर से निकाल दिया। 6 साल की बेटी को मुझसे दूर कर दिया। बच्ची से बात तक नहीं कराई जाती है। 30 अक्टूबर तक मेरी समस्या का समाधान नहीं हुआ या मुझे मेरी बेटी से नहीं मिलाया गया, तो मैं मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठूंगी।’ ये बातें खगड़िया के एसपी और 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने कही हैं। दोनों के बीच पारिवारिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आईपीएस की पत्नी ने रिश्ते को लेकर और क्या कहा, क्या मिन्नतें की और वे क्या चाहती हैं, पढ़ें रिपोर्ट… ‘मां के लिए बेटी से दूर रहना बेहद पीड़ादायक’ पूजा अपनी बेटी का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने मेरे साथ ठीक नहीं किया। मुझे घर में नहीं रहने दिया। मेरी बेटी अभी मात्र 6 साल की है। वो अभी बहुत छोटी है और पति ने उसे मुझसे दूर कर दिया है। पूजा के मुताबिक, मैं लंबे समय से अपनी बच्ची से मिलने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन मुझे बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि फोन पर बात करने तक का मौका नहीं दिया जा रहा है। मां होने के नाते बेटी से दूर रहना मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है। बड़े पुलिस अधिकारियों पक्ष लेने का आरोप पूजा ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भानु प्रताप सिंह के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके प्रभाव के कारण मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। मैंने पहले बिहार के डीजीपी से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी थी। उस समय आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। पुलिस विभाग के अधिकारी पति का बचाव कर रहे हैं और मेरी बात को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। ससुराल में भी दे चुकीं धरना IPS भानुप्रताप सिंह पत्नी पूजा कुछ महीनों पहले राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने पहुंची थीं। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं।  

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