बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज मतदान है। कोसी निर्वाचन सीट से कुल 15 उम्मीदवार मैदन में हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे आएंगे। चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के बीच मुकाबला है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। एनडीए ने स्नातक सीट से मौजूदा एमएलसी डॉ. एनके यादव को लगातार तीसरी बार मैदान में उतारा है। राजद ने नितेश यादव को टिकट दिया है, जो 2020 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस ने पुराने कार्यकर्ता मनोज जायसवाल को इस सीट से प्रत्याशी बनाया है। पहली बार एमएलसी चुनाव लड़ रही जनसुराज पार्टी ने रजनीश रंजन पर भरोसा जताया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जिला प्रशासन ने सभी 17 बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और माइक्रो ऑब्जर्वर्स की तैनाती की गई है। वोटिंग खत्म होने के बाद सभी पोलिंग पार्टियां सीलबंद मतपेटियों और चुनावी सामग्रियों के साथ जिला स्कूल में बने रिसेप्शन सेंटर पहुंचेंगी। स्कूल परिसर में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भवन के तीसरे फ्लोर पर एक सुरक्षित स्ट्रांग रूम बनाया गया है, जहां सभी मतपेटियों को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। तीसरी बार भाजपा प्रत्याशी डॉ. एन के यादव मैदान में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एनके यादव वर्ष 2014 और 2020 में भाजपा से एमएलसी का चुनाव जीतने के बाद जीत की हैट्रिक की उम्मीद से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरे हैं। भागलपुर के एक प्रतिष्ठित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ होने के साथ-साथ समाज सेवा और राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं। मूल रूप से झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी डॉ. यादव ने बिहार के भागलपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया और दशकों तक चिकित्सा सेवा के माध्यम से आम जनमानस के बीच अपनी गहरी पहचान स्थापित की। उनका पूरा परिवार चिकित्सा और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा है। डॉ. यादव की चिकित्सीय विरासत को उनके दोनों बच्चे, पुत्र डॉ. निलय कृष्णा व पुत्री डॉ. श्रेया यादव और उनके दामाद डॉ. राधेश्याम भी आगे बढ़ा रहे हैं । ये सभी चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पत्नी के साथ साथ शुरू हुई राजनीति की कहानी एनके यादव की पत्नी डॉ. वीणा यादव वर्ष 2007 से 2012 तक भागलपुर नगर निगम की मेयर रही हैं। चिकित्सा के साथ-साथ डॉ. एनके यादव का राजनीतिक सफर भी काफी सशक्त और निरंतर जनसेवा से प्रेरित रहा है। उन्होंने वर्ष 2009 में भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर मुख्यधारा की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे भागलपुर सदर सीट से राजद-लोजपा गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार रहे। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े।
किसान परिवार से आते हैं नितेश राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार नितेश यादव इससे पहले 2020 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। भागलपुर जिला अंतर्गत नारायणपुर के रहने वाले हैं। किसान परिवार से निकले नितेश यादव ने पढ़ाई पूरी करने के साथ साथ छात्र-छात्राओं के हित में आवाज उठानी शुरू की। लगातार छात्र हित के मुद्दों पर क्षेत्र में बने रहे। कांग्रेस ने पुराने कांग्रेसी मनोज जयसवाल को दिया है टिकट कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव में कांग्रेस ने पुराने कार्यकर्त्ता रहे मनोज जयसवाल को चुनावी मैदान के उतारा है । मनोज जयसवाल लगातार कांग्रेस का झंडा थामे हर छोटे बड़े चुनाव में कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्त्ता की भूमिका में रहे हैं। फारबिसगंज के रहने वाले मनोज जयसवाल ने वकालत कर रखी है। अपने पढ़ाई के दिन से ही वो छात्र हित, शिक्षकों के मुद्दे और स्नातकोत्तरों तथा अधिवक्ताओं के लिए आवाज बुलंद करते आ रहे हैं। कांग्रेस की जमीन को बचाए रखने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे मनोज जयसवाल पर कांग्रेस ने इस बार भरोसा जताया है।
रजनीश रंजन को जनसुराज से मिला है टिकट जनसुराज ने रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है । पहली बार चुनावी मैदान में उतरी जनसुराज के लिए ये चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सहरसा के रहने वाले जनसुराज प्रत्याशी ने अपनी शिक्षा दीक्षा में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई के साथ साथ छात्रों के हित के लिए लड़ाई इनकी जारी रही। ग्रेजुएशन के बाद रजनीश सहरसा में ही रहकर कोसी क्षेत्र के छात्र हित मुद्दों को उठाते रहे । छात्रों के लिए बनाया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रंजन ने सहरसा में टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की शुरुवात की । जहां छात्रों को उच्च और गुणवत्तापूर्व शिक्षा देकर शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिलाने का एक सफल प्रयास रहा। एक शिक्षा विद के तौर पर रजनीश रंजन की पहचान बनी। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज मतदान है। कोसी निर्वाचन सीट से कुल 15 उम्मीदवार मैदन में हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे आएंगे। चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के बीच मुकाबला है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। एनडीए ने स्नातक सीट से मौजूदा एमएलसी डॉ. एनके यादव को लगातार तीसरी बार मैदान में उतारा है। राजद ने नितेश यादव को टिकट दिया है, जो 2020 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस ने पुराने कार्यकर्ता मनोज जायसवाल को इस सीट से प्रत्याशी बनाया है। पहली बार एमएलसी चुनाव लड़ रही जनसुराज पार्टी ने रजनीश रंजन पर भरोसा जताया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जिला प्रशासन ने सभी 17 बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और माइक्रो ऑब्जर्वर्स की तैनाती की गई है। वोटिंग खत्म होने के बाद सभी पोलिंग पार्टियां सीलबंद मतपेटियों और चुनावी सामग्रियों के साथ जिला स्कूल में बने रिसेप्शन सेंटर पहुंचेंगी। स्कूल परिसर में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भवन के तीसरे फ्लोर पर एक सुरक्षित स्ट्रांग रूम बनाया गया है, जहां सभी मतपेटियों को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। तीसरी बार भाजपा प्रत्याशी डॉ. एन के यादव मैदान में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एनके यादव वर्ष 2014 और 2020 में भाजपा से एमएलसी का चुनाव जीतने के बाद जीत की हैट्रिक की उम्मीद से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरे हैं। भागलपुर के एक प्रतिष्ठित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ होने के साथ-साथ समाज सेवा और राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं। मूल रूप से झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी डॉ. यादव ने बिहार के भागलपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया और दशकों तक चिकित्सा सेवा के माध्यम से आम जनमानस के बीच अपनी गहरी पहचान स्थापित की। उनका पूरा परिवार चिकित्सा और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा है। डॉ. यादव की चिकित्सीय विरासत को उनके दोनों बच्चे, पुत्र डॉ. निलय कृष्णा व पुत्री डॉ. श्रेया यादव और उनके दामाद डॉ. राधेश्याम भी आगे बढ़ा रहे हैं । ये सभी चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पत्नी के साथ साथ शुरू हुई राजनीति की कहानी एनके यादव की पत्नी डॉ. वीणा यादव वर्ष 2007 से 2012 तक भागलपुर नगर निगम की मेयर रही हैं। चिकित्सा के साथ-साथ डॉ. एनके यादव का राजनीतिक सफर भी काफी सशक्त और निरंतर जनसेवा से प्रेरित रहा है। उन्होंने वर्ष 2009 में भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर मुख्यधारा की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे भागलपुर सदर सीट से राजद-लोजपा गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार रहे। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े।
किसान परिवार से आते हैं नितेश राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार नितेश यादव इससे पहले 2020 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। भागलपुर जिला अंतर्गत नारायणपुर के रहने वाले हैं। किसान परिवार से निकले नितेश यादव ने पढ़ाई पूरी करने के साथ साथ छात्र-छात्राओं के हित में आवाज उठानी शुरू की। लगातार छात्र हित के मुद्दों पर क्षेत्र में बने रहे। कांग्रेस ने पुराने कांग्रेसी मनोज जयसवाल को दिया है टिकट कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव में कांग्रेस ने पुराने कार्यकर्त्ता रहे मनोज जयसवाल को चुनावी मैदान के उतारा है । मनोज जयसवाल लगातार कांग्रेस का झंडा थामे हर छोटे बड़े चुनाव में कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्त्ता की भूमिका में रहे हैं। फारबिसगंज के रहने वाले मनोज जयसवाल ने वकालत कर रखी है। अपने पढ़ाई के दिन से ही वो छात्र हित, शिक्षकों के मुद्दे और स्नातकोत्तरों तथा अधिवक्ताओं के लिए आवाज बुलंद करते आ रहे हैं। कांग्रेस की जमीन को बचाए रखने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे मनोज जयसवाल पर कांग्रेस ने इस बार भरोसा जताया है।
रजनीश रंजन को जनसुराज से मिला है टिकट जनसुराज ने रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है । पहली बार चुनावी मैदान में उतरी जनसुराज के लिए ये चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सहरसा के रहने वाले जनसुराज प्रत्याशी ने अपनी शिक्षा दीक्षा में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई के साथ साथ छात्रों के हित के लिए लड़ाई इनकी जारी रही। ग्रेजुएशन के बाद रजनीश सहरसा में ही रहकर कोसी क्षेत्र के छात्र हित मुद्दों को उठाते रहे । छात्रों के लिए बनाया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज रंजन ने सहरसा में टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की शुरुवात की । जहां छात्रों को उच्च और गुणवत्तापूर्व शिक्षा देकर शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिलाने का एक सफल प्रयास रहा। एक शिक्षा विद के तौर पर रजनीश रंजन की पहचान बनी।

