हिमाचल प्रदेश में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त प्रांत सचिव पंकज भारतीय ने बुधवार को जाति आधारित भेदभाव, सामाजिक ऊंच-नीच को खत्म करने तथा परिवारों में अच्छे संस्कारों व खुलकर बातचीत को बढ़ावा देने की अपील की। बिलासपुर जिले के कंदरौर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह के अंतिम चरण के अवसर पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन के बाद भारतीय ने यह बात कही। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को पूरी लगन से निभाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शस्त्र यानी हथियार या शक्ति का उद्देश्य अच्छे लोगों की ताकत को संगठित करना, बुरी शक्तियों का सामना करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बुरी ताकत सिर न उठा सके। विहिप नेता ने कहा, “शक्ति शांति की रक्षक है, जबकि कमजोरी शांति के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है।”
भारतीय ने भारत के युवाओं को ‘जेन-जी’ कहते हुए उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करने और देश के विकास में योगदान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को ऐसा बनना चाहिए कि दुनिया यह देखकर हैरान रह जाए कि वे दूसरे देशों के युवाओं से अलग हैं।
उन्होंने कहा, “युवाओं को भड़काने और उकसाने की कोशिशों के बावजूद वे समझदारी से काम लेते हैं। वे समझते हैं कि केवल तमाशा करने के लिए कोई अपने ही घर में आग नहीं लगाता।”
विजयादशमी के साथ पड़ने वाले अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आरएसएस ने मंगलवार और बुधवार को बिलासपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में पथ संचलन निकाले। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने गणवेश में मार्च किया।
इसके जरिए समाज में अनुशासन, संगठन और एकता का संदेश दिया गया।

