गोरखपुर में धू-धू कर जला रावण का पुतला:164 साल पुरानी परंपरा का साक्षी बने हजारों लोग, देखें VIDEO

गोरखपुर में धू-धू कर जला रावण का पुतला:164 साल पुरानी परंपरा का साक्षी बने हजारों लोग, देखें VIDEO

गोरखपुर बर्डघाट रामलीला मैदान में बुधवार रात श्री श्री रामलीला समिति की ओर से रावण वध का मंचन किया गया। राम-रावण युद्ध देखने के लिए मैदान में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही भगवान श्रीराम ने तीर चलाकर रावण का वध किया, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा और दर्शकों ने तालियां बजाकर भगवान श्रीराम की जय-जयकार की। रावण वध के साथ ही अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। इससे पहले रामलीला मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और रावण की सेना के बीच जोरदार युद्ध हुआ। श्रीराम ने युद्ध में कुंभकरण को पराजित किया। भाई की मृत्यु से बौखलाया रावण स्वयं युद्ध करने पहुंचा। इसके बाद दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। अंत में भगवान श्रीराम के एक तीर से रावण धराशायी हो गया। रावण वध का दृश्य देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। विजय शोभायात्रा में निकले श्रीराम, सीता और लक्ष्मण रावण वध के बाद भगवान श्रीराम की विजय शोभायात्रा निकाली गई। रथ पर भगवान श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण सवार थे। शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान की आरती उतारी। लोगों ने मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शाम चार बजे शुरू हुआ मंचन, लोगों ने उतारी आरती विजयादशमी के अवसर पर बर्डघाट रामलीला मैदान में शाम करीब चार बजे रामलीला का मंचन शुरू हुआ। इस दौरान समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और पूजा-अर्चना की। रात में रावण वध के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 164 साल से लग रहा मेला, दुकानों पर उमड़ी भीड़ श्री श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि बर्डघाट में 164 साल से रामलीला और मेले की परंपरा चली आ रही है। मेले में खानपान, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू सामान की दुकानें सजी रहीं। खिलौनों की दुकानों पर बच्चों और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने मिठाइयां खरीदीं और भगवान श्रीराम को चढ़ाने के बाद प्रसाद घर ले गए। पूरे मैदान में उत्सव और उल्लास का माहौल रहा।

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