कानपुर में पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, हंगामा:1.5Km तक हाथ खिड़की में फंसाकर दौड़ाते रहे कार, फिर रौंदकर भागे

कानपुर में पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, हंगामा:1.5Km तक हाथ खिड़की में फंसाकर दौड़ाते रहे कार, फिर रौंदकर भागे

हनुमंत विहार में दशहरा मेला देख कर लौट रहे युवक की पुरानी रंजिश में हत्या कर दी गई। आरोपियों ने पहले कार से टक्कर मारी। इसके बाद मारपीट कर उसे कार की छत पर रख पर हाथ खिड़कियों के शीशे में फंसा दिया और डेढ़ किलोमीटर तक इलाके में तेज रफ्तार कार दौड़ाते रहे। इसके बाद एक ट्रेडिंग कंपनी के पास फेंक कर भाग गए। सूचना पर पहुंचे परिजन गंभीर रूप से घायल को निजी अस्पताल ले गए, जहां से हैलट रवाना किया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार को परिजन शव लेकर घर पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। घटना के कई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, जिनमें एक कार तेजी से दौड़ती नजर आ रही है, छत पर एक युवक फंसा हुआ है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। फूड प्रोडक्ट कंपनी में सेल्समैन का काम करते थे अर्रा निवासी बीरू सिंह भदौरिया (37) फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी में सेल्स मैन का काम करते थे। परिवार में पत्नी रीना और दो बच्चियां सीवी, ईशानी और बेटा विराज के अलावा पिता राम शंकर सिंह और बड़े भाई कुलदीप सिंह भदौरिया हैं। पिता राम शंकर सिंह ने बताया कि बीरू का कुछ दिन पहले खाड़ेपुर नई बस्ती निवासी राजवीर और मेवालाल से विवाद हो गया था। इसके बाद से आरोपी खुन्नस रखे हुए थे। मंगलवार रात बीरू दशहरा का मेला देख कर लौट रहा था। रास्ते में मेवालाल अपनी कार से आया, उसमें राजवीर व 3 अन्य उसके साथी बैठे थे। उन्होंने बीरू को रोक कर मारपीट कर दी। बीरू बच कर भागा तो कार से उड़ा दिया। इसके बाद छत पर रख कर उसके दोनों हाथ आगे की खिड़कियों में फंसाकर शीशे लॉक कर दिए। गलियों में घुमाते हुए ले गए, अचानक कार के शीशे खोल उसे राजेंद्र नगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास फेंक दिया। आरोप है कि इसके बाद कार भी चढ़ाई। मौके से गुजर रहे इलाके के देवेंद्र सिंह चौहान ने पहचान कर परिजनों को सूचना दी। आनन फानन में सभी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की बर्बरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीरू के शरीर में कई जगह चोट के निशान थे। शीशे से दबे रहने के चलते उसकी दोनों हाथ की अंगुलियां पिच्चा हो गई थीं। दो दर्जन सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड घटना, पुलिस कर रही लीपापोती जीरो टॉलरेंस का दम भरने वाली पुलिस पूरे मामले में लीपापोती करती रही। आरोपी बीरू को कार की छत पर रख कर दौड़ाते रहे, इस दौरान एक भी पुलिस कर्मी घटना नहीं देख पाया। हद तो तब हो गई जब घटना दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ना तो दूर परिजनों की शिकायत पर एफआईआर तक नहीं की, बल्कि थानाध्यक्ष यह कहते नजर आए कि हो सकता है कि कार से टक्कर हुई हो, चालक को पता ही न हो कि कोई छत पर है। इसके बाद परिजन बिफर गए, शव लेकर घर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। जिस कार से टक्कर मारी गई वह मेवालाल की है। घटना के वक्त वह कार में भी सवार था। पुलिस ने जब कार नंबर और आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो वह फतेहपुर के जहानाबाद में निकली।

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