गोपालगंज में शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी का पर्व संपन्न होते ही गोपालगंज में मछली बाजारों की रौनक बढ़ गई। नौ दिनों तक फलाहार और सात्विक भोजन करने वाले लोग पर्व खत्म होने के बाद मछली खरीदने बाजार पहुंचने लगे। इससे शहर के प्रमुख मछली बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही साधु चौक के पास नेशनल हाईवे-27 की सर्विस लेन में मछली खरीदने वालों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भीड़ बढ़ने से सर्विस लेन पर जाम लग गया। करीब 2 से 3 घंटे तक लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। बाजार में अचानक बढ़ी भीड़ का असर आसपास की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। एक दिन में 10 क्विंटल से अधिक मछली की खपत का अनुमान मछली विक्रेताओं के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान कारोबार लगभग ठप रहता है। पर्व खत्म होते ही बिक्री में तेजी आई है। दुकानदारों का अनुमान है कि एक दिन में शहर में 10 क्विंटल से अधिक मछली की खपत हो सकती है। बाजार में रेहू, कतला और पटेया समेत कई किस्मों की मछलियों की मांग रही। बाहर से मंगाई गई मछलियां भी खूब बिकीं। पटेया मछली 1,600 रुपए किलो तक बिकी मांग बढ़ने के कारण रेहू समेत कई मछलियों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई। वहीं, पटेया मछली की कीमत सबसे ज्यादा रही। इसकी बिक्री 1,600 रुपए प्रति किलो तक हुई। दाम बढ़ने के बावजूद खरीदारों की भीड़ में कमी नहीं आई। खरीदार बोले- नवरात्रि के बाद मछली से शुरू करते हैं मांसाहार मछली खरीदने पहुंचे लोगों ने बताया कि पिछले दस दिनों से वे शुद्ध शाकाहारी भोजन कर रहे थे। नवरात्रि खत्म होने के बाद अब मांसाहार की शुरुआत मछली से कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्व के बाद मछली खाना शुभ माना जाता है। गोपालगंज में शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी का पर्व संपन्न होते ही गोपालगंज में मछली बाजारों की रौनक बढ़ गई। नौ दिनों तक फलाहार और सात्विक भोजन करने वाले लोग पर्व खत्म होने के बाद मछली खरीदने बाजार पहुंचने लगे। इससे शहर के प्रमुख मछली बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही साधु चौक के पास नेशनल हाईवे-27 की सर्विस लेन में मछली खरीदने वालों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भीड़ बढ़ने से सर्विस लेन पर जाम लग गया। करीब 2 से 3 घंटे तक लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। बाजार में अचानक बढ़ी भीड़ का असर आसपास की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। एक दिन में 10 क्विंटल से अधिक मछली की खपत का अनुमान मछली विक्रेताओं के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान कारोबार लगभग ठप रहता है। पर्व खत्म होते ही बिक्री में तेजी आई है। दुकानदारों का अनुमान है कि एक दिन में शहर में 10 क्विंटल से अधिक मछली की खपत हो सकती है। बाजार में रेहू, कतला और पटेया समेत कई किस्मों की मछलियों की मांग रही। बाहर से मंगाई गई मछलियां भी खूब बिकीं। पटेया मछली 1,600 रुपए किलो तक बिकी मांग बढ़ने के कारण रेहू समेत कई मछलियों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई। वहीं, पटेया मछली की कीमत सबसे ज्यादा रही। इसकी बिक्री 1,600 रुपए प्रति किलो तक हुई। दाम बढ़ने के बावजूद खरीदारों की भीड़ में कमी नहीं आई। खरीदार बोले- नवरात्रि के बाद मछली से शुरू करते हैं मांसाहार मछली खरीदने पहुंचे लोगों ने बताया कि पिछले दस दिनों से वे शुद्ध शाकाहारी भोजन कर रहे थे। नवरात्रि खत्म होने के बाद अब मांसाहार की शुरुआत मछली से कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्व के बाद मछली खाना शुभ माना जाता है।

