करौली में विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम हुए। मंगलवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में लोगों को आयोडीन युक्त नमक के उपयोग और इसकी कमी से होने वाली बीमारियों की जानकारी दी गई। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि आयोडीन की कमी से गलगंड, शारीरिक-मानसिक विकास रुकना और गर्भावस्था संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लोगों को रोजाना आयोडीन युक्त नमक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. ओमप्रकाश महावर ने बताया कि जिले में 90% से अधिक घरों में 15 पीपीएम से ज्यादा आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल का लक्ष्य है। उन्होंने एफएसएसएआई मानक वाला पैकेटबंद आयोडीन युक्त नमक खरीदने की अपील की। नमक को ढक्कन वाले डिब्बे में रखकर गर्मी-नमी से बचाएं। आयोडीन की हानि से बचने के लिए इसे खाना पकने के आखिर में डालें। खुले या सेंधा नमक के बजाय आयोडीन युक्त नमक को प्राथमिकता दें।

