बिलासपुर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की शोभायात्राएं शुरू हो गई हैं। अरपा नदी के छठघाट और पचरीघाट पर विसर्जन किया जा रहा है। नगर निगम ने बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन लगाई है। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसडीआरएफ की गोताखोर टीम भी तैनात है। विसर्जन मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। प्रमुख चौराहों पर जांच प्वाइंट बनाए गए हैं। लोहे के कड़े या हथियार लेकर चलने वालों पर कार्रवाई होगी। सिम्स चौक, देवकीनंदन चौक, ज्वाली नाला, हटरी चौक, कोतवाली काली मंदिर तिराहे, वाल्मीकि चौक, कोरोना चौक, कोतवाली चौक और शनिचरी जैसे संवेदनशील जगहों पर पुलिस निगरानी कर रही है। नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। हर शिफ्ट में 50 कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस तरह कुल 150 कर्मचारी व्यवस्थाएं संभालेंगे। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनाती विसर्जन जुलूस के दौरान किसी तरह का विवाद या अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर जवानों की ड्यूटी लगाई है। पुलिस के मुताबिक, प्रमुख चौराहों और विसर्जन मार्गों पर 15 से 20 जवानों की टीम तैनात की गई है। हर टीम के साथ एक टीआई और एक राजपत्रित अधिकारी भी निगरानी करेंगे। सिम्स चौक, देवकीनंदन चौक, ज्वाली नाला, हटरी चौक, कोतवाली के काली मंदिर तिराहे और वाल्मीकि चौक समेत कई जगहों पर जांच प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा कोरोना चौक, कोतवाली चौक और शनिचरी जैसे संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस लगातार नजर रख रही है। चाकू और दूसरे हथियार लेकर चलने वालों की जांच पुलिस विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों की जांच भी कर रही है। खास तौर पर लोहे के कड़े और दूसरी संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है, ताकि कोई व्यक्ति हथियार लेकर जुलूस में शामिल न हो सके। चाकू या दूसरे हथियार लेकर चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच केवल विसर्जन स्थलों तक सीमित नहीं है। झांकियों के शुरुआती स्थानों पर भी लोगों की जांच की जा रही है। भीड़ के बीच सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। नशे में वाहन चलाया या हुड़दंग किया तो कार्रवाई विसर्जन जुलूस के दौरान नशे में वाहन चलाने और हंगामा करने वालों पर पुलिस की खास नजर रहेगी। इसके लिए पुलिसकर्मियों को एल्कोमीटर दिए गए हैं, जिनकी मदद से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच की जाएगी। जुलूस में नशे की हालत में विवाद या हुड़दंग करने वालों को थाने ले जाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पेट्रोलिंग के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहेंगे, जो बाइक और पेट्रोलिंग वाहनों से लगातार शहर में घूमकर निगरानी करेंगे। पुराने अपराधियों और संदिग्धों पर भी नजर विसर्जन से पहले ही पुलिस ने पुराने अपराधियों, चाकूबाजों और संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार और मंगलवार को करीब दर्जनभर बदमाशों और पुराने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके साथ ही पुलिस की सरप्राइज चेकिंग भी जारी है। पुलिस का कहना है कि भीड़ में शामिल होकर विवाद करने, मारपीट करने या हथियार दिखाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोशिश है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और श्रद्धालु शांतिपूर्वक कार्यक्रम में शामिल हो सकें। विसर्जन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहले से तय रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पचरीघाट और छठघाट जाने वाले विसर्जन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। शहर के प्रमुख रास्तों पर भी चारपहिया वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस ने आयोजन समितियों और श्रद्धालुओं से तय रास्तों का पालन करने और विसर्जन मार्गों पर निजी वाहन नहीं ले जाने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है। सड़क से विसर्जन स्थल तक पुलिस की निगरानी एडिशनल एसपी पंकज कुमार पटेल के मुताबिक, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए सड़क, चौक-चौराहों और विसर्जन स्थलों तक पुलिस बल तैनात किया गया है। नशे में जुलूस में शामिल होने, हथियार लेकर चलने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की टीमें मिलकर विसर्जन की व्यवस्था संभाल रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और प्रतिमाओं का विसर्जन सुरक्षित तरीके से कराया जा सके।

