पोलैंड ने सोशल मीडिया कंपनियों पर बड़ा आरोप लगाया है। यूरोपियन देश ने मेटा, गूगल और एक्स को रूस का साइलेंट एजेंट तक बता दिया है।
पोलैंड में डिजिटल मामलों के मंत्री क्रिज्स्तोफ गावकोवस्की ने कहा कि ये प्लेटफॉर्म रूस के खिलाफ डिजिटल युद्ध में चुपचाप मदद कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने फर्जी खबरों और बॉट अकाउंट्स को रोकने में नाकामी पर जुर्माने की भी धमकी दी है।
रूस पर यूरोपियन देश में झूठी खबरें फैलाने का आरोप
बता दें कि पोलैंड समेत कई यूरोपियन देश लंबे समय से यूक्रेन को लेकर रूस के खिलाफ खुला मोर्चा खोलकर बैठे हैं। इस पर रूस भी उन्हें समय-समय पर जवाब देता है। यूरोपियन देश रूस पर यह तक आरोप लगाते हैं कि वह झूठी खबरें फैलाकर समाज में फूट डालता है।
हालांकि, रूस इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि पश्चिमी नेता अपनी राजनीति के लिए रूस के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। लेकिन पोलैंड के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट नस्क के ताजा आंकड़े फिर यूरोपियन देशों की चिंता बढ़ा सकते हैं।
65 हजार से ज्यादा फर्जी अकाउंट्स की शिकायतें
2026 की पहली छमाही में नस्क ने 65 हजार से ज्यादा फर्जी अकाउंट्स और गलत जानकारी की शिकायतें प्लेटफॉर्म्स को भेजीं। इनमें से सिर्फ एक चौथाई से भी कम मामलों में कार्रवाई हुई। केवल 7 फीसदी सामग्री हटाई गई और 17 फीसदी से थोड़ा ज्यादा मॉडरेट की गई। बाकी शिकायतें लगभग नजरअंदाज कर दी गईं।
‘रूस के साथ चल रहा डिजिटल युद्ध’
गावकोवस्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- रूस के साथ डिजिटल युद्ध चल रहा है। इसमें गलत जानकारी वाला मोर्चा भी है। इस मोर्चे पर रूसी बॉट्स और क्रेमलिन के जीआरयू का चुपचाप साथी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन गए हैं। ये कुछ नहीं कर रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये कंपनियां गलत जानकारी से फायदा उठाती हैं। इससे उनका राजस्व बढ़ता है इसलिए वे इसे रोकने में दिलचस्पी नहीं दिखातीं। डिस्कॉर्ड, गूगल, मेटा, एक्स, टेलीग्राम और टिकटॉक से टिप्पणी मांगी गई लेकिन अभी कोई जवाब नहीं आया।
पोलैंड की नई मांगें
इस मामले में मंत्री ने प्लेटफॉर्म्स से कुछ ठोस कदम उठाने को कहा है। इनमें पोलिश भाषा बोलने वाले मॉडरेशन टीम्स बनाने को भी कहा गया है, जो रिपोर्ट करने वाले संगठनों से सीधा और तुरंत संपर्क रख सकें।
इसके अलावा, फर्जी अपील प्रक्रिया खत्म करने, बॉट नेटवर्क तुरंत हटाने और रिपोर्ट्स का जवाब जल्दी देने की भी मांग की गई है। इसके साथ मंत्री ने साफ कहा है कि अगर कोई सरकारी अनुरोध पूरा नहीं होता तो कंपनियों पर आर्थिक जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


NEWS: Poland threatens fines, calls social media firms Russia’s ‘silent ally’