जाखल में धान खरीद सीजन के बीच बुधवार को डीसी डॉ. विवेक भारती ने जाखल अनाजमंडी का निरीक्षण कर खरीद और उठान व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। डीसी ने रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण के चलते बंद मुख्य रास्ते के विकल्प के रूप में तलवाड़ा की ओर बनाए जा रहे अस्थायी मार्ग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर निर्माण कार्य जल्द पूरा करने को कहा। इसके बाद वीरवार शाम तक रास्ता तैयार कर आवागमन शुरू करने का दावा किया गया। डीसी ने कहा कि किसानों की धान की फसल सरकार की निर्धारित हिदायतों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। यदि किसी किसान की प्रति एकड़ पैदावार निर्धारित औसत से अधिक है, तो वह संबंधित मंडी सचिव को लिखित आवेदन दे सकता है। इसके बाद नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा और पात्र पाए जाने पर किसान की अतिरिक्त उपज की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उठान में देरी न हो, अधिकारी नियमित निगरानी करें डीसी ने खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को सुबह और शाम नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के कामकाज में किसी प्रकार की रुकावट आने पर तत्काल समाधान करवाया जाए। खरीद एजेंसियां और मंडी प्रबंधन आपसी तालमेल से काम करें तथा किसानों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा, आरटीए संजय बिश्नोई, डीएफएससी कुशल बूरा सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य रास्ता बंद होने से किसानों और क्षेत्रवासियों को परेशानी रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के कारण जाखल का मुख्य रास्ता बंद होने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ धान की फसल लेकर अनाजमंडी पहुंचने वाले किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए तलवाड़ा की तरफ अस्थायी रेलवे फाटक और रास्ता तैयार किया जा रहा है, लेकिन निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं हो सका। गौरतलब है कि पांच अक्टूबर को प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत के बाद रेलवे अधिकारियों ने निर्माण कार्य पूरा करने के लिए करीब 10 दिन का समय मांगा था। इसके बाद किसानों ने रेल रोको आंदोलन स्थगित कर 15 अक्टूबर तक रास्ता तैयार करने का समय दिया। काम पूरा नहीं होने पर समय सीमा बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी गई, लेकिन दूसरी समय सीमा भी बीत गई। बुधवार को डीसी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिसके बाद रेलवे की ओर से वीरवार शाम तक रास्ता चालू करने का दावा किया गया। रास्ता नहीं खुला तो शुक्रवार को तय होगी आंदोलन की रणनीति किसानों ने वीरवार शाम तक इंतजार करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस बार भी अस्थायी रास्ता तैयार नहीं हुआ, तो शुक्रवार को बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। ऐसे में प्रशासन और रेलवे के सामने निर्धारित समय में रास्ता चालू करने के साथ धान सीजन के दौरान किसानों और आमजन को राहत देने की चुनौती बनी हुई है।

