गोरखपुर में डॉ. नंदलाल कुशवाहा को कार्यवाहक CMO बनाया गया है। राज्य क्षय रोग अधिकारी पद पर तैनाती के बाद पूर्व CMO डॉ. राजेश झा ने बुधवार को उन्हें पद का कार्यभार सौंप दिया। बुके देकर स्वागत किया और शुभकामनाएं दी। शासन से स्थायी तैनाती तक डॉ. कुशवाहा ही इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। अब तक वे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। चार्ज सौंपने के अवसर पर डॉ. झा ने अपने कार्यकाल के डेढ़ वर्षों में सहयोग के लिए अपने सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद दी विदाई
डॉ. राजेश झा ने अप्रैल 2025 में गोरखपुर के सीएमओ का पदभार संभाला था। हाल ही में उन्हें अपर निदेशक (AD) ग्रेड में प्रमोशन मिला था, जिसके बाद बीते सप्ताह शासन ने उन्हें लखनऊ में राज्य क्षय रोग अधिकारी के पद पर नियुक्त कर दिया। छुट्टियों के बाद बुधवार को जब सीएमओ ऑफिस खुला, तो उन्होंने जिले में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रेणी के सबसे वरिष्ठ अफसर डॉ. नंदलाल कुशवाहा को कार्यभार हस्तांतरित कर दिया। टीम और सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार
चार्ज सौंपने के दौरान डॉ. राजेश झा ने कहा कि डेढ़ साल के कार्यकाल में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जो भी नए प्रयोग और काम हुए, उसमें उनकी पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने एम्स गोरखपुर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सभी एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, एनएचएम कर्मियों, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और सहयोगी संस्थाओं के प्रति सहयोग के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। पिंक कार्ड से लेकर सिटी पॉलीक्लिनिक तक रहे कई बड़े प्रयोग
अपने डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान डॉ. राजेश झा ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नए और असरदार कदम उठाए। उन्होंने पिंक कार्ड, सैंपल ट्रांसपोर्ट, डेंगू मुक्त हॉस्टल, मातृ सेवा, ई-आरोग्य पाठशाला और ‘टीम इलेवन’ जैसी कई नई योजनाएं और प्रयोग शुरू किए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की मौतों पर अंकुश लगाने और अस्पतालों में सी-सेक्शन (सिजेरियन) डिलीवरी की सुविधा को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। उनके ही कार्यकाल और नेतृत्व में प्रदेश का पहला सिटी पॉलीक्लिनिक गोरखपुर के बसंतपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुरू किया गया था।

