अयोध्या जिले के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा का एक वीडियो बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह कथित तौर पर कहते नजर आ रहे हैं कि यदि किसी ब्राह्मण या क्षत्रिय पर गलत मुकदमा दर्ज हुआ हो तो उसे बताने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उनके इस बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता पवन पांडे ने सोशल मीडिया के माध्यम से पलटवार करते हुए अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न का मामला उठाया है। अधिवक्ता पवन पांडे का कहना है कि वह दूसरों के मामलों की चर्चा नहीं करेंगे, क्योंकि वह स्वयं भुक्तभोगी हैं। उन्होंने अपना परिचय इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय सरकारी अधिवक्ता (सीजीसी) के रूप में दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में तीन वर्षों तक कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रहे हैं। पवन पांडे ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने एक शिक्षा माफिया और जमीन कारोबारी को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए उन्हें तथा उनके परिवार को प्रताड़ित करने का प्रयास किया। उनके मुताबिक, खंडासा थाने में बैठकर पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया गया। उन्होंने तत्कालीन एसएसपी आशीष तिवारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया था कि गोरखनाथ बाबा उनसे नाराज हैं। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया के साथ समझौता करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और उनके, उनके भाई, बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज कराए गए। उन्होंने इनमें दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मुकदमों का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। कुछ देर बाद उसी नंबर से वापस फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को विधायक का छोटा भाई राजा बताया और कहा कि विधायक परिवार से मिलने बाहर गए हैं।

