हरदा| दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण के साथ सामाजिक बुराई नशे के खिलाफ भी संदेश दिया। माय भारत और समाजसेवी गीता पांडेय की पहल पर ‘नशे के रावण’ का दहन कर युवाओं को नशामुक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में माय भारत की जिला युवा अधिकारी श्रद्धा मित्तल ने कहा नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं को जागरूक कर सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। समाजसेवी पांडेय ने कहा नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ पूरे परिवार को प्रभावित करता है। इससे युवाओं का भविष्य भी प्रभावित होता है। आयोजन में रावण के दस सिरों के प्रतीक के जरिए नशे के दुष्परिणामों को दर्शाया। युवा स्वयंसेवकों सहित उपस्थित युवाओं ने नशे से दूर रहने और परिवार व समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजन का संदेश रहा- नशे को ना कहें, जीवन को हां कहें।

