आजमगढ़ की पुरानी कोतवाली पर धूं धूं कर जला रावण:52 वर्षों से ऐतिहासिक श्रीरामलीला का हो रहा है मंचन, बिहार के कलाकार दे रहे हैं प्रस्तुति

आजमगढ़ की पुरानी कोतवाली पर धूं धूं कर जला रावण:52 वर्षों से ऐतिहासिक श्रीरामलीला का हो रहा है मंचन, बिहार के कलाकार दे रहे हैं प्रस्तुति

आज़मगढ़ जिले में दशहरा के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में रामलीला का आयोजन किया जाता है। विजयदशमी त्यौहार को लेकर जिले में करीब 1748 की संख्या में मूर्ति प्रतिमा स्थापित की गई है, तो वहीं आज शाम को 155 स्थानों पर रावण दहन किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन काफी चौकन्ना और लोगों को लगातार सतर्क करता नजर आया। जिले के पुरानी कोतवाली स्थित ऐतिहासिक श्री रामलीला में राम रावण के बीच युद्ध के बाद श्री राम ने धनुष चला कर रावण का वध किया। जिसके बाद रावण के प्रतीक पुतले को जलाया गया। समाज को संदेश देने की कोशिश
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए पुरानी कोतवाली के ऐतिहासिक श्री रामलीला कार्यक्रम के संयोजक विभाष सिन्हा ने बताया कि श्री रामलीला के माध्यम से समाज को संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सभी लोग अच्छा काम करें। कोई ऐसा काम ना करें जिससे दूसरे को पीड़ा पहुंचे। यही भगवान श्री राम का भी संदेश है। आज रावण के प्रतीक को जलाकर हम लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार मना रहे हैं। श्री हनुमानगढ़ी रामलीला के तत्वाधान में राम-रावण का युद्ध चला। राम-रावण युद्ध के अंत में राम ने रावण का वध कर उसके प्रतीकात्मक पुतले में अग्नि बाण से रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा। लोगो ने श्री राम के जयकारे लगाये और एक दूसरे को विजय दशमी की बधाई दी। पुरानी कोतवाली की इस ऐतिहासिक श्री रामलीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।

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