पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों का प्रदर्शन 64वें दिन भी जारी रहा। दशहरे के मौके पर उन्होंने यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर अधिकारियों के रावण रूपी पुतले जलाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने वाइस चांसलर डॉ. जगदीप सिंह, डीन अकादमिक मामले डॉ. जसविंदर सिंह बराड़ और डायरेक्टर कॉन्स्टिट्यूएंट कॉलेजों डॉ. अमर इंदर सिंह के पुतले फूंके। यह प्रदर्शन पंजाबी यूनिवर्सिटी कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स एसोसिएशन (PUCTA) ने किया। एसोसिएशन का आरोप है कि कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को लंबे समय से उनके सही सेवा और वित्तीय लाभ नहीं मिल रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें यूजीसी के नियमों के अनुसार वेतनमान, बकाया राशि और अन्य सेवा लाभ दिए जाएं। 22 अक्टूबर को होगी मीटिंग शिक्षकों की नजर अब 22 अक्टूबर को होने वाली सिंडिकेट की बैठक पर है। PUCTA नेताओं ने आशंका जताई है कि बैठक में 2018 के यूजीसी रेगुलेशन लागू करने पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सकता। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर बैठक में उनकी मांगों पर सही निर्णय नहीं हुआ, तो वे अपना संघर्ष और तेज करेंगे।

