फतेहपुर में नवरात्र के समापन पर मंगलवार सुबह 10 बजे से तीन बजे तक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ। शहर और ग्रामीण इलाकों की 500 से अधिक प्रतिमाओं का गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर विसर्जन कराया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शाम तक प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इन घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ खागा तहसील क्षेत्र के किशुनपुर यमुना घाट और नौबस्ता घाट, बिंदकी तहसील के शिवराजपुर व आदमपुर घाट तथा सदर तहसील के भिटौरा और असनी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल दुर्गा प्रतिमाएं लेकर जाने वाले वाहनों को घाट तक जाने की अनुमति दी गई। अन्य वाहनों को मुख्य मार्गों और बैरियर पर रोका गया। 300 पुलिसकर्मी तैनात, डीएम-एसएसपी ने किया निरीक्षण सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंगा और यमुना घाटों पर करीब 300 पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसएसपी अभिमन्यु मांगलिक ने गंगा घाटों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। जिले में स्थापित किए गए थे 2,200 दुर्गा पंडाल इस वर्ष जिले में करीब 2,200 दुर्गा पंडालों में मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। मंगलवार को जल विसर्जन के बाद बुधवार को शेष प्रतिमाओं का निर्धारित स्थलों पर पर्यावरण अनुकूल तरीके से भू-विसर्जन कराया जाएगा। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए और अबीर-गुलाल के साथ मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी।

