सिलावद| गायत्री मंदिर परिसर में नवरात्रि की अष्टमी पर महाआरती के बाद सकल हिंदू समाज ने शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में सबसे पहले मातृ शक्ति ने शस्त्र पूजन कर मां दुर्गा की आराधना की। इसके बाद पुरुषों ने शस्त्रों का पूजन किया। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजू चौहान और जिला सहसंयोजिका स्मिता अत्रे ने समाजजनों को सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति उपासना का पर्व है। पहले घरों में मिट्टी के गरबे लाकर उनमें दीप प्रज्वलित किए जाते थे और मां दुर्गा की आराधना होती थी। यह परंपरा हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे फिर से अपनाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। नवरात्रि केवल उत्सव नहीं, बल्कि मां अम्बे की आराधना, भक्ति और साधना का पर्व है। परिवारों में बच्चों को पारंपरिक पूजा-पद्धतियों और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ना चाहिए। महेश भावसार ने भी समाजजनों को एकजुट रहकर सामाजिक और धार्मिक परंपराओं को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देना और सनातन परंपराओं से परिचित कराना प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है। संस्कारवान पीढ़ी ही सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा सकती है।

