त्योहार के सीजन में बाजार में भीड़ बढ़ गई है। दिन के समय तो यहां से चार पहिया वाहन निकलना मुश्किल हो रहा है, बावजूद इसके सुबह के समय बाजार से प्रतिबंध के बाद भी ओवरलोडेड डंपर और बसें गुजर रही हैं। इतना ही नहीं, लश्कर रोड पर चक्कर वाली पुलिया के पास रेत के ट्रैक्टरों की मंडी भी लगाई जा रही है। इनकी देखरेख के लिए बाकायदा एक प्राइवेट युवक मुस्तैद किया गया है। मालूम हो, कि भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए ही कलेक्टर ने इंदिरा गांधी चौराहे से सुभाष तिराहा तक लाइफ लाइन रोड पर बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। 8 अक्टूबर से 7 नवंबर तक 30 दिन के लिए बाजार में 24 घंटे भारी वाहनों की एंट्री रोकने के लिए स्थायी बैरियर लगाने के आदेश दिए गए। कलेक्टर के आदेश के बाद अब तक भारी वाहनों की शहर में इंट्री पर रोक नहीं है। सुबह 7:30 बजे डंपर और यात्री बस परेड चौराहा होते हुए बस स्टैंड के निकले। सिटी कोतवाली के सामने से शहर में प्रवेश करने वाले इन वाणिज्यिक भारी वाहनों को रोकने के लिए अब तक इंतजाम नहीं किए गए हैं। दैनिक भास्कर ने इस संबंध में कलेक्टर पवन जैन से चर्चा की, जिसके बाद नपा सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती बैरियर लगवाने के संबंध में मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे।सिटी कोतवाली टीआई अनीता गुर्जर ने रेत मंडी की जानकारी नहीं होने की बात कही। वहीं कलेक्टर पवन जैन ने बाजार में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने और एक-दो दिन में नपा का बैरियर लगवाने की बात कही। शहर की लश्कर रोड स्थित चक्कर वाली पुलिया के पास रेत के ट्रैक्टरों की मंडी लगना फिर से शुरू हो गई है। बीच में यह मंडी कुछ समय के लिए बंद थी। यहां इन ट्रैक्टरों की देखरेख के लिए एक प्राइवेट युवक भी तैनात रहता है। यह युवक रेत के ट्रैक्टरों से रुपए भी वसूलता है। सोमवार को सुबह 6.20 बजे युवक ने सड़क से गुजर रहे एक रेत के ट्रैक्टर को रोक लिया। ट्रैक्टर मालिक भी यहां पहुंच गया। उसने कहा कि हमारे पास रॉयल्टी है, तो हम किस बात के रुपए दें। यहां भीड़ बढ़ गई। इसी बीच दैनिक भास्कर प्रतिनिधि ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो युवक अपने कान से मोबाइल लगाकर टहलते हुए चला गया। बाद में इससे पूछा गया कि यहां एंट्री की जा रही है क्या, तो उसने बिना कुछ बोले अपना सिर हिलाकर जवाब दिया। ऐसे में सवाल इस बात का है कि बीच शहर में अवैध वसूली किस के द्वारा कराई जा रही है। इनके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?

