विजयादशमी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से मंगलवार को महानगर में करीब तीन दर्जन स्थानों से पथ संचलन निकाला जाएगा। संघ के शताब्दी वर्ष के चलते इस बार आयोजन को लेकर खास उत्साह है। बाल और तरुण स्वयंसेवक भी तैयारियों में जुटे हैं। संचलन के मार्ग तय करने के साथ स्वागत के लिए जगह-जगह तोरणद्वार बनाए गए हैं।
इससे पहले सोमवार को विवेकानंद नगर के विकास लोक बस्ती क्षेत्र में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। सनराइज फार्म हाउस से शुरू हुआ संचलन कुंवर नगर कॉलोनी, कमालपुर बाईपास और 42 फुटा रोड सहित विभिन्न मार्गों से गुजरा। स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। भारत माता और वंदेमातरम के जयघोष के बीच स्वयंसेवक अनुशासन के साथ कदमताल करते नजर आए।
राष्ट्रसेवा का संकल्प दिलाया
कार्यक्रम में आरएसएस के विभाग सह प्रचार प्रमुख राज नारायण ने कहा कि संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। यह पर्व विजय और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में अस्थिरता के हालात हैं, जबकि भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। स्वयंसेवकों को मां भारती की सेवा करते हुए राष्ट्र को सशक्त बनाने में योगदान देना चाहिए।
नगर संघचालक कैप्टन राजेश ने एकजुट रहने और संघ से जुड़े रहने को संगठन की ताकत बताया। संचलन के दौरान नगर कार्यवाह अधिवक्ता मनवीर सिंह ने व्यवस्थाएं संभालीं। शाखा कार्यवाह टिंकू ने आभार जताया। इस दौरान कुशलपाल सिंह, छोटे लाल, लक्ष्मीराज सिंह, बिल्लू सिंह और रणवीर सहित अन्य स्वयंसेवक मौजूद रहे।

