पलवल जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9 अवैध पिस्टल, एक देसी कट्टा, 9 जिंदा कारतूस, 2 मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली बाइक बरामद की गई है। पुलिस की इस सफलता पर एसपी दीप्ति गर्ग ने टीम प्रभारी सहित 6 जवानों को पुरस्कृत किया है। एएनसी प्रभारी हनीश खान ने बताया कि हवलदार राकेश कुमार अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मिंडकोला गांव के बारात घर के पास सूचना मिली कि गांव निवासी उमेश उर्फ जॉनी अवैध हथियारों की सप्लाई करता है। वह बाम्बे टोल की तरफ से केएमपी पुल सिलानी रोड होते हुए मिंडकोला गांव आने वाला है। पुलिस देख भागने का प्रयास किया सूचना के आधार पर पुलिस ने केएमपी पुल के नीचे नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद आरोपी बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वह गिर गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का एक देसी कट्टा, 4 कारतूस और 2 मोबाइल फोन मिले। इसके बाद थाना हथीन में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस पूछताछ में उमेश से मिली जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां क्षेत्र के नगरिया निवासी पंकज उर्फ कल्लू उर्फ दलीप को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर खेत में बने कोठे की छत से 4 पिस्टल और 5 कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद नूंह जिले के सिरोली गांव निवासी सारुक उर्फ भुर्रा को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उटावड़-मालुका रोड के पास खेत में मिट्टी में छिपाकर रखी गई 5 पिस्टल बरामद हुईं। सारुक पर हत्या और जानलेवा हमले समेत 7 केस दर्ज पुलिस के अनुसार, सारुक उर्फ भुर्रा के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमला समेत 7 संगीन मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर और उत्तर प्रदेश के मथुरा व अलीगढ़ से अवैध हथियार लाकर सप्लाई करते थे। पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी पता चले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

