पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट सोमवार को गुरदासपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पंजाब में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और दिन-दहाड़े हो रही आपराधिक वारदातों को लेकर पंजाब और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नशे के कारोबार, अवैध हथियारों और गैंगस्टरों की गोलियों व फिरौती के नेटवर्क ने पंजाब को अंदर से खोखला कर दिया है। इस दौरान उनके साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, पंजाब
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, फतेहगढ़ चूड़ियां से विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी थे। गुरदासपुर पहुंचे सचिन पायलट के साथ अन्य कांग्रेसी लीडरों ने उन पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर दुख साझा किया, जिनके परिजन गैंगस्टरों की गोलियों या नशे का शिकार हुए हैं। वहीं, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगती पंजाब की सारी सरहद बीएसएफ के कंट्रोल में है। फिर भी सीमा पार से नशा भारत पहुंच रहा है। इसके लिए अमित शाह को जवाब देना होगा। जेलों से चल रहा एक्सटॉर्शन रैकेट, गवाहों को मिल रही धमकियां – पायलट
सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह गुरदासपुर में उन परिवारों से मिलने आए हैं जो गैंगस्टरों की हिंसा और नशे की चपेट में आकर अपनों को खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह यह भी जायजा ले रहे हैं कि आपराधिक मुकदमों में कोर्ट-कचहरी की कार्रवाई कहां तक पहुंची है। खौफ का माहौल: पायलट ने कहा कि कई मामलों में गवाह खौफ के कारण हॉस्टाइल (मुकर) रहे हैं और पीड़ित परिवारों को आज भी गैंगस्टरों के फोन आकर धमकियां दी जा रही हैं। अंधेरे की ओर पंजाब: उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय ‘चिट्टे’ (ड्रग्स), अवैध असलहे, गैंगस्टरों और जबरन वसूली के खतरनाक दौर से गुजर रहा है। यह सीमावर्ती इलाका है, जहां अमन-शांति जरूरी है, लेकिन पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। अमित शाह के दौरे पर सवाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित पंजाब दौरे पर तंज कसते हुए पायलट ने कहा कि अमित शाह पंजाब आ रहे हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन उन्हें पंजाब के लोगों को जवाब देना चाहिए कि सीमा पार से आ रहे अवैध ड्रोन, हथियार और ड्रग्स को रोकने के लिए केंद्र ने क्या किया? केंद्र सरकार ने बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाकर बॉर्डर से 50 किलोमीटर तक कर दिया था, तो फिर नशा और हथियार क्यों आ रहे हैं? 12 साल से बीजेपी की केंद्र में सरकार है, जवाब तो उन्हें देना ही पड़ेगा। जेलों से ऑपरेटिंग: पायलट ने आरोप लगाया कि गैंगस्टर जेलों के भीतर से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं। इंटरनेशनल नंबरों से लोगों को फोन और वॉइस मैसेज आ रहे हैं। अगर सरकार वाकई गंभीर होती तो चुनावों से बहुत पहले इन पर सख्त कार्रवाई करती। सांसद रंधावा बोले: पंजाब की चिंता छोड़ पहले गुजरात की साबरमती जेल पर ध्यान दें अमित शाह गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हाल ही में डीसी दफ्तर के पास हुए हैंड ग्रेनेड हमले के दावे और सुरक्षा व्यवस्था पर पंजाब पुलिस व केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। पुलिस का रवैया और गैंगस्टरों की एंट्री: रंधावा ने कहा कि पहले भी बख्शीवाल, भिखारीवाल चौकी, मजीठा चौकी और अमृतसर में ग्रेनेड हमले हुए, लेकिन पुलिस शुरू में मानने से इंकार करती रही। अब निशान जोड़ियां (गैंगस्टर) ने जिम्मेदारी ली है। पंजाब में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। उन्होंने चिंता जताई कि जिस तरह गैंगस्टर अब अकाली दल और आम आदमी पार्टी के जरिए राजनीति में उतरने या चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, यह पंजाब के लिए बेहद बदकिस्मती की बात है। टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी और साबरमती जेल: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले/गोलीबारी का जिक्र करते हुए रंधावा ने कहा कि अमित शाह कल पंजाब आ रहे हैं, लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि गुजरात की साबरमती जेल में बैठकर गैंगस्टर पूरे देश में नेटवर्क चला रहे हैं और फिल्मी सितारों को निशाना बना रहे हैं। रंधावा ने कहा कि अमित शाह पंजाब की चिंता छोड़ें और पहले अपने गृह राज्य गुजरात की साबरमती जेल और अपनी स्टेट की स्थिति संभालें, जहां से वे सांसद चुने गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पंजाब के युवाओं और प्रदेश के भविष्य को बचाने के लिए अब हर वर्ग को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

