मोहाली के जीरकपुर के बलटाना इलाके में पूर्व पार्षद के घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग करने की सनसनीखेज वारदात को मोहाली पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं दर्ज है। सीआईए (CIA) खरड़ और ऑपरेशन सेल की संयुक्त टीमों ने महज चार दिनों के भीतर इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक 9mm बेरेटा पिस्टल, वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार (नंबर CH04K-0214) और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
फायरिंग का बनाया था LIVE वीडियो, फिर मांगी फिरौती पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गैंगस्टर अर्श पंडित के सीधे संपर्क में थे। हमलावरों ने 14 अक्टूबर की रात करीब 2:17 बजे पूर्व पार्षद के घर के बाहर एक के बाद एक 8 राउंड फायरिंग की थी। दुस्साहस इतना था कि फायरिंग के दौरान आरोपियों ने उसका लाइव वीडियो भी बनाया था। वारदात के तुरंत बाद पीड़ित परिवार को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी (फिरौती) और जान से मारने की धमकी भरे कॉल भी आए थे। गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल: गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (32 वर्ष): निवासी जालंधर, पेशे से ड्राइवर है। मनराज सिंह उर्फ मन्ना (21 वर्ष): हाल ही में कनाडा से वापस लौटा है। राजवीर सिंह (18 वर्ष): बेरोजगार युवक है। गैंग नेटवर्क और साजिश की गहराई से जांच जारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी किस तरह लॉरेंस गैंग के संपर्क में आए, फिरौती की पूरी साजिश में कौन-कौन शामिल था और इलाके में उनके अन्य साथियों की क्या भूमिका है, इन सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अन्य खुलासे हो सकते हैं।

