सागर के देवरी में दुर्गा अष्टमी के मौके पर रविवार रात मां महाकाली की पालकी यात्रा निकाली गई। पालकी यात्रा के आगे मशाल लेकर भक्त चले। मशाल जुलूस में शामिल कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। पूरा माहौल भक्ति के रंग में रंग गया। दरअसल, देवरी में बंधा घाट पर स्थित मूर्तिकार स्वदेश चित्रकार के यहां माता की पूजा-अर्चना की गई। जिसके बाद माता को स्टील के विमान (पालकी) पर विराजमान किया गया। भक्तों ने माता की पालकी को कंधों पर उठाया और नगर भ्रमण के लिए निकल पड़े। इस दौरान पालकी यात्रा के आगे मशाल जुलूस चल रहा था। भक्त ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम रहे थे। चारों तरफ माता के जयकारें गूंज रहे थे। माता नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरीं। पुष्पवर्षा कर माता का स्वागत किया गया
इस दौरान भक्तों ने माता के स्वागत में पालकी मार्ग को पानी से धुलवाया। जगह-जगह माता की पूजा-अर्चना की गई। पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। माता की एक झलक पाने के लिए पूरा देवरी नगर उमड़ पड़ा। भक्तों की भीड़ लगी रही। मां महाकाली की पालकी यात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए नगर पालिका चौराहा होकर शिक्षा सदन पर समाप्त हुई। जहां रात में विधि विधान के साथ मां महाकाली की पंडाल में स्थापना की गई। पिछले करीब 150 साल से लगातार शिक्षा सदन चौराहे पर मां महाकाली दुर्गा उत्सव समिति द्वारा माता को विराजमान किया जा रहा है।

