मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रात होने के साथ ही दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ती गई। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। थकान होने पर कुछ लोग कतार में ही बैठकर आराम करते और फिर आगे बढ़ते नजर आए। घंटों इंतजार के बाद हुए मां विंध्यवासिनी के दर्शन अष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भीड़ का दबाव बना रहा। भक्तों को घंटों कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां से सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे धाम में मां के जयकारे गूंजते रहे। बरतर मार्ग पर जाम से श्रद्धालु परेशान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण बरतर मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर लंबी कतारों के चलते लोगों को काफी देर तक परेशानी उठानी पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था सुचारु रखने के लिए प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे। कुछ लोगों को प्रवेश दिलाने पर उठे सवाल आम श्रद्धालु जहां लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, वहीं आरोप है कि विकास द्वार से कुछ सुरक्षाकर्मियों ने अपने परिजनों को प्रवेश दिलाकर दर्शन-पूजन कराया। कथित तौर पर कुछ लोगों को निकास द्वार से भी अंदर जाने की सुविधा मिलने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। दो घंटे से कतार में लगे रहे श्रद्धालु बिहार के भोजपुर से आए अतुल पांडेय मां के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने छात्र जीवन सफल होने की कामना की। वहीं, अमेठी से आए संदीप और अर्जुन तिवारी मां की कृपा बनाए रखने की प्रार्थना लेकर करीब दो घंटे से कतार में लगे थे।

