बैतूल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित बनाने के लिए घाटों से लेकर जुलूस मार्गों तक इंतजाम किए जा रहे हैं। विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, क्रेन, हाइड्रा और गोताखोरों की व्यवस्था रहेगी। कर्बला घाट पर पानी की गहराई और निर्माण कार्य को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है। वहीं, जुलूस मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। कर्बला घाट पर छोटी प्रतिमाओं का होगा विसर्जन पंकज धुर्वे ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। बड़ी प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए क्रेन और हाइड्रा की मदद ली जाएगी। कर्बला घाट पर करीब 10 फीट तक पानी है। यहां नए ब्रिज का निर्माण कार्य भी चल रहा है, इसलिए इस घाट पर छोटी प्रतिमाओं का ही विसर्जन किया जा सकेगा। दामा दैय्यत घाट पर पुलिया के दोनों ओर गहरे गड्ढे हैं। यहां पानी के स्तर को ध्यान में रखते हुए बोरी बंधान किया गया है, ताकि विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिले। दामा दैय्यत में 25 फीट तक ऊंची प्रतिमा के विसर्जन की तैयारी दामा दैय्यत क्षेत्र में 20 से 25 फीट तक ऊंची प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, हमलापुर के सीता कुंड में करीब 8 से 10 फीट ऊंची प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था रहेगी। सभी प्रमुख स्थलों पर रोशनी और अन्य जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों से जुलूस मार्गों तक तैनात रहेगा पुलिस बल रक्षित निरीक्षक ने बताया कि सभी प्रमुख विसर्जन घाटों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। एसडीईआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ मौजूद रहेगी। जरूरत के अनुसार नावों और तैराकों की व्यवस्था भी की जाएगी। बड़ी झांकियों के साथ पुलिस बल चलेगा, जबकि जुलूस मार्गों के प्रमुख चौक-चौराहों पर फिक्स पिकेट्स बनाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पचमढ़ी स्थित पीटीएस से 30 जवान बैतूल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा छिंदवाड़ा से एक कंपनी बल मिला है। जिले के विभिन्न थानों का पुलिस बल भी तैनात रहेगा। अतिरिक्त बल बुलाने की प्रक्रिया जारी है। वन विभाग से भी 100 जवानों की मांग की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी विसर्जन जुलूसों के दौरान प्रमुख चौराहों, संवेदनशील धार्मिक स्थलों और मार्गों पर निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी, ताकि विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

