जमुई शहर के महिसौड़ी में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से लगी आग में झुलसी दो छात्राओं में से एक की आठ दिन बाद मौत हो गई। मृतका की पहचान सदर प्रखंड के भगवाना गांव निवासी मनोहर महतो की बेटी नेहा कुमारी(22) के रूप में हुई है। पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शनिवार देर शाम नेहा का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। बेटी का शव देखते ही स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे। घटना से गांव में मातम पसरा है। ई-रिक्शा की बैटरी में हुआ था विस्फोट 9 अक्टूबर को नेहा कुमारी अपनी एक अन्य छात्रा के साथ पढ़ाई कर ई-रिक्शा से भगवाना गांव लौट रही थी। ई-रिक्शा पर करीब आधा दर्जन लोग सवार थे। इसी दौरान शहर के महिसौड़ी स्थित डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के पास अचानक ई-रिक्शा की बैटरी से धुआं निकलने लगा। लोग कुछ समझ पाते और चालक वाहन रोकता, उससे पहले ही बैटरी में विस्फोट हो गया। बैटरी फटने के बाद ई-रिक्शा में भीषण आग लग गई। इसकी चपेट में आने से नेहा और दूसरी छात्रा झुलस गईं। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी नेहा को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया। घटना वाले दिन की तस्वीरें…. PMCH में 8 दिन तक चला इलाज पटना में चिकित्सकों की निगरानी में नेहा का इलाज चल रहा था। परिजनों को उसके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई। शनिवार देर शाम शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। इधर, हादसे में झुलसी दूसरी छात्रा अंजनी कुमारी, जो इसी गांव के मनोहर यादव की पुत्री है, की हालत इलाज के बाद अब सामान्य बताई जा रही है। एक ही गांव की दो छात्राओं के साथ हुए इस हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। जमुई शहर के महिसौड़ी में ई-रिक्शा की बैटरी फटने से लगी आग में झुलसी दो छात्राओं में से एक की आठ दिन बाद मौत हो गई। मृतका की पहचान सदर प्रखंड के भगवाना गांव निवासी मनोहर महतो की बेटी नेहा कुमारी(22) के रूप में हुई है। पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शनिवार देर शाम नेहा का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। बेटी का शव देखते ही स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे। घटना से गांव में मातम पसरा है। ई-रिक्शा की बैटरी में हुआ था विस्फोट 9 अक्टूबर को नेहा कुमारी अपनी एक अन्य छात्रा के साथ पढ़ाई कर ई-रिक्शा से भगवाना गांव लौट रही थी। ई-रिक्शा पर करीब आधा दर्जन लोग सवार थे। इसी दौरान शहर के महिसौड़ी स्थित डॉ. नीरज साह के क्लिनिक के पास अचानक ई-रिक्शा की बैटरी से धुआं निकलने लगा। लोग कुछ समझ पाते और चालक वाहन रोकता, उससे पहले ही बैटरी में विस्फोट हो गया। बैटरी फटने के बाद ई-रिक्शा में भीषण आग लग गई। इसकी चपेट में आने से नेहा और दूसरी छात्रा झुलस गईं। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी नेहा को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया। घटना वाले दिन की तस्वीरें…. PMCH में 8 दिन तक चला इलाज पटना में चिकित्सकों की निगरानी में नेहा का इलाज चल रहा था। परिजनों को उसके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई। शनिवार देर शाम शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। इधर, हादसे में झुलसी दूसरी छात्रा अंजनी कुमारी, जो इसी गांव के मनोहर यादव की पुत्री है, की हालत इलाज के बाद अब सामान्य बताई जा रही है। एक ही गांव की दो छात्राओं के साथ हुए इस हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है।

