मुजफ्फरपुर में शुक्रवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के छात्रों ने बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में फीस वृद्धि, भ्रष्टाचार, रिजल्ट में गड़बड़ी और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने एल.एस. कॉलेज से प्रशासनिक भवन तक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 12 सूत्री मांगें सौंपीं। इनमें फीस वृद्धि वापस लेना, रिजल्ट सुधारना, छात्र संघ चुनाव कराना, छात्राओं व SC/ST को मुफ्त शिक्षा शामिल है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की गई। AIDSO सचिव पवन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 से शिक्षा का निजीकरण बढ़ रहा है। उन्होंने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (CBCS) को छात्रों पर आर्थिक बोझ बताया। इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से पैसे लिए जा रहे हैं। विजय कुमार ने BRABU प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, पटना और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्राओं व SC/ST को मुफ्त शिक्षा मिलती है, पर BRABU छात्र इससे वंचित हैं। ‘गड़बड़ियों और अंकपत्रों के लिए छात्रों को लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए AIDSO मुजफ्फरपुर के जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि परिणाम में गड़बड़ियों और अंकपत्रों के लिए छात्रों को लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय, पैसा और मानसिक शांति नष्ट होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो छात्र समुदाय आंदोलन को और अधिक व्यापक व तेज करने के लिए बाध्य होगा।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व AIDSO की कार्यकारिणी सदस्य रूपा कुमारी, दीपमाला कुमारी, तरन्नुम खातून और छात्र नेता अभिषेक कुमार, अली अख्तर, गौतम कुमार, प्रकाश कुमार शर्मा सहित अन्य नेताओं ने किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मुजफ्फरपुर में शुक्रवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के छात्रों ने बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में फीस वृद्धि, भ्रष्टाचार, रिजल्ट में गड़बड़ी और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने एल.एस. कॉलेज से प्रशासनिक भवन तक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 12 सूत्री मांगें सौंपीं। इनमें फीस वृद्धि वापस लेना, रिजल्ट सुधारना, छात्र संघ चुनाव कराना, छात्राओं व SC/ST को मुफ्त शिक्षा शामिल है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की गई। AIDSO सचिव पवन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 से शिक्षा का निजीकरण बढ़ रहा है। उन्होंने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (CBCS) को छात्रों पर आर्थिक बोझ बताया। इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से पैसे लिए जा रहे हैं। विजय कुमार ने BRABU प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, पटना और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में छात्राओं व SC/ST को मुफ्त शिक्षा मिलती है, पर BRABU छात्र इससे वंचित हैं। ‘गड़बड़ियों और अंकपत्रों के लिए छात्रों को लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए AIDSO मुजफ्फरपुर के जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि परिणाम में गड़बड़ियों और अंकपत्रों के लिए छात्रों को लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय, पैसा और मानसिक शांति नष्ट होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो छात्र समुदाय आंदोलन को और अधिक व्यापक व तेज करने के लिए बाध्य होगा।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व AIDSO की कार्यकारिणी सदस्य रूपा कुमारी, दीपमाला कुमारी, तरन्नुम खातून और छात्र नेता अभिषेक कुमार, अली अख्तर, गौतम कुमार, प्रकाश कुमार शर्मा सहित अन्य नेताओं ने किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

