मेरठ की एक अदालत ने शुक्रवार को रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई। उन्होंने रविता के पति अमित कश्यप की हत्या कर दी थी और उसकी लाश के नीचे एक सांप रख दिया था, ताकि ऐसा लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-12 की अदालत ने 7 अक्टूबर को दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था। यह मामला बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में कश्यप की हत्या से जुड़ा है। सजा तय करने को लेकर हुई बहस के दौरान, जिला सरकारी वकील के. के. चौबे ने अपराध की प्रकृति, इसके पीछे के मकसद और इसे अंजाम देने के तरीके पर जोर दिया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि अमित की हत्या के बाद उसके शव के नीचे एक सांप रख दिया गया था, ताकि ऐसा लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। उन्होंने दलील दी कि यह सबूत छिपाने और जांचकर्ताओं को गुमराह करने की एक कोशिश थी। अपराध की क्रूरता और साजिश का हवाला देते हुए, अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा की मांग की।
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अभियोजन पक्ष ने यह सवाल भी उठाया कि क्या सांप जहरीला था। उन्होंने बताया कि सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञों ने इसे गैर-जहरीला माना है और कहा है कि इसके काटने से मौत होने की संभावना नहीं है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। मेडिकल सबूतों का हवाला देते हुए, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि उसका गला घोंटा गया था। चौबे ने दलील दी कि अमित की हत्या की साजिश के पीछे एक विवाहेतर संबंध को लेकर हुआ विवाद मुख्य कारण था। अभियोजन पक्ष ने शबनम हत्याकांड का हवाला दिया और हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने तर्क दिया कि सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता, उसे अंजाम देने का तरीका और दोषियों के इरादों पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतने से न्याय का उद्देश्य ही कमजोर हो सकता है।
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सरकारी वकील फरजाना ने भी अदालत से दोनों दोषियों को मौत की सजा देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि हत्या को इस तरह पेश किया गया था, मानो मौत सांप के काटने से हुई हो। पोस्टमार्टम में गला घोंटे जाने की पुष्टि होने के बाद जांच आगे बढ़ी, और बाद में पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। फरजाना ने उम्मीद जताई कि इस फैसले से भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। अमित के परिवार की ओर से पेश वकील बलराज सिंह ने भी मौत की सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि हत्या को स्वाभाविक मौत दिखाने के लिए शव के नीचे सांप रखना, इस साजिश का एक गंभीर पहलू था। उन्होंने बताया कि अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर रविता और अमरदीप को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, और अब परिवार सजा सुनाए जाने के आदेश का इंतजार कर रहा है।

