बांका में 3 टीचर सस्पेंड, 70 से मांगा स्पष्टीकरण:3 दर्जन से अधिक का एक दिन का वेतन रोका; 237 स्कूलों में लापरवाही पर कार्रवाई

बांका में 3 टीचर सस्पेंड, 70 से मांगा स्पष्टीकरण:3 दर्जन से अधिक का एक दिन का वेतन रोका; 237 स्कूलों में लापरवाही पर कार्रवाई

बांका के जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें विद्यालयों के निरीक्षण, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। इस दौरान लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों, टोला सेवकों और तालिमी मरकज के कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। 70 शिक्षकों से स्पष्टीकरण, 3 निलंबित बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि सितंबर में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने 237 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें दोषी पाए गए शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि कुछ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। वहीं, जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने 39 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 70 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। अनियमितता मिलने पर तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों का निरीक्षण की तारीख का एक दिन का वेतन स्थगित किया गया। निरीक्षण में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और टोला सेवकों की उपस्थिति के साथ मध्याह्न भोजन योजना की भी जांच की गई। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर देर से उपस्थिति दर्ज करने के मामले में 116 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में दोषी पाए गए तीन शिक्षकों को निलंबित किया गया, जबकि दो शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई। एक शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकने का दंड अधिसूचित किया गया है और तीन शिक्षकों का वेतन स्थगित किया गया है। कमजोर बच्चों के लिए चलेगी उपचारात्मक कक्षा जिला पदाधिकारी ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने टोला सेवकों और तालिमी मरकज के कार्यों की समीक्षा करने तथा बच्चों को विद्यालय नहीं लाने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि विद्यालयों में निरीक्षण का उद्देश्य केवल अनियमितताएं पकड़ना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाना भी है। मॉडल विद्यालयों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कमजोर शैक्षणिक स्तर वाले बच्चों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया। साप्ताहिक परीक्षा में कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि उनके परीक्षा परिणाम में सुधार हो सके। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को महीने में तीन से चार बार मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण करने, विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। 4 स्कूलों से 2.04 लाख रुपये की वसूली मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि चार विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अनियमितता के मामले में कुल 2 लाख 4 हजार 294 रुपये की वसूली के लिए पत्र जारी किया गया है। डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान आपूर्तिकर्ताओं की ओर से दिए जा रहे खाद्य पदार्थों, फल और अंडों की गुणवत्ता की अनिवार्य रूप से जांच करें। साथ ही, समाचार पत्रों में शिक्षा विभाग से संबंधित प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर उचित कार्रवाई करने को कहा। इंस्पायर अवार्ड में बांका राज्य में दूसरे स्थान पर बैठक में इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम में बांका जिले की उपलब्धि की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि बांका राज्य में दूसरे और राष्ट्रीय स्तर पर 11वें स्थान पर है। इस उपलब्धि पर डीएम ने संतोष जताया और अधिकारियों को इसी तत्परता से काम करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, सहायक अभियंता, उप प्रबंधक तकनीकी असैनिक सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। बांका के जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें विद्यालयों के निरीक्षण, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। इस दौरान लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों, टोला सेवकों और तालिमी मरकज के कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। 70 शिक्षकों से स्पष्टीकरण, 3 निलंबित बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि सितंबर में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने 237 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें दोषी पाए गए शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि कुछ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। वहीं, जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने 39 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 70 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। अनियमितता मिलने पर तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों का निरीक्षण की तारीख का एक दिन का वेतन स्थगित किया गया। निरीक्षण में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और टोला सेवकों की उपस्थिति के साथ मध्याह्न भोजन योजना की भी जांच की गई। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर देर से उपस्थिति दर्ज करने के मामले में 116 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में दोषी पाए गए तीन शिक्षकों को निलंबित किया गया, जबकि दो शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई। एक शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकने का दंड अधिसूचित किया गया है और तीन शिक्षकों का वेतन स्थगित किया गया है। कमजोर बच्चों के लिए चलेगी उपचारात्मक कक्षा जिला पदाधिकारी ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने टोला सेवकों और तालिमी मरकज के कार्यों की समीक्षा करने तथा बच्चों को विद्यालय नहीं लाने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि विद्यालयों में निरीक्षण का उद्देश्य केवल अनियमितताएं पकड़ना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाना भी है। मॉडल विद्यालयों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कमजोर शैक्षणिक स्तर वाले बच्चों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया। साप्ताहिक परीक्षा में कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि उनके परीक्षा परिणाम में सुधार हो सके। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को महीने में तीन से चार बार मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण करने, विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करने और उन्हें प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। 4 स्कूलों से 2.04 लाख रुपये की वसूली मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि चार विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अनियमितता के मामले में कुल 2 लाख 4 हजार 294 रुपये की वसूली के लिए पत्र जारी किया गया है। डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान आपूर्तिकर्ताओं की ओर से दिए जा रहे खाद्य पदार्थों, फल और अंडों की गुणवत्ता की अनिवार्य रूप से जांच करें। साथ ही, समाचार पत्रों में शिक्षा विभाग से संबंधित प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर उचित कार्रवाई करने को कहा। इंस्पायर अवार्ड में बांका राज्य में दूसरे स्थान पर बैठक में इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम में बांका जिले की उपलब्धि की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि बांका राज्य में दूसरे और राष्ट्रीय स्तर पर 11वें स्थान पर है। इस उपलब्धि पर डीएम ने संतोष जताया और अधिकारियों को इसी तत्परता से काम करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, सहायक अभियंता, उप प्रबंधक तकनीकी असैनिक सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *