विप्रो का मुनाफा घटा, 6,716 कर्मचारी कम हुए:दूसरी तिमाही में ₹3,200 करोड़ प्रॉफिट; इस साल शेयर अब तक 35% टूटा

विप्रो का मुनाफा घटा, 6,716 कर्मचारी कम हुए:दूसरी तिमाही में ₹3,200 करोड़ प्रॉफिट; इस साल शेयर अब तक 35% टूटा

देश की बड़ी आईटी कंपनियों में से एक विप्रो ने इस साल की जुलाई से सितंबर वाली तिमाही के नतीजे आज 15 अक्टूबर को जारी किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹24,752.7 करोड़ का रेवेन्यू किया है, जो पिछले साल इसी समय हुए ₹22,697.3 करोड़ के रेवेन्यू से 9.1% ज्यादा है। हालांकि, कमाई बढ़ने के बाद भी कंपनी का मुनाफा 1.4% घट गया है। इस तिमाही में विप्रो को ₹3,200.6 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जो बीते साल इसी अवधि में ₹3,246.2 करोड़ रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी के पास नए प्रोजेक्ट्स से पैसा तो ज्यादा आया है, लेकिन खर्चों की वजह से उसका अंतिम मुनाफा पिछले साल से थोड़ा सा कम रह गया। विप्रो के शेयर 2026 में अब तक 35% टूटे गुरुवार को तिमाही नतीजों के ऐलान से ठीक पहले विप्रो के शेयरों में तेजी रही। कंपनी का शेयर 1.83% की बढ़त के साथ ₹174.05 पर बंद हुआ। इस साल 2026 में अब तक कंपनी का शेयर 34.9% गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में करीब 12% की गिरावट आई है, यानी विप्रो का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। विप्रो का मार्केट कैप लगभग ₹1.72 लाख करोड़ है। 6,716 कर्मचारी कम हुए, जॉब छोड़ने की दर 13.8% इस तिमाही में कर्मचारियों की संख्या घटकर 2,36,328 रह गई है, जो पिछली तिमाही में 2,43,044 थी। यानी तीन महीनों में कुल 6,716 कर्मचारी कम हुए हैं। वहीं, कर्मचारियों के खुद से नौकरी छोड़ने की दर में सुधार आया है। पिछले 12 महीनों के आधार पर यह 13.8% पर आ गई है, जो इससे पिछली तिमाही में 13.9% थी। मतलब: पिछले 12 महीनों के आधार पर एट्रिशन रेट 13.8% रहने का मतलब है कि पूरे एक साल में औसतन हर 100 में से लगभग 14 कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ी है। पिछली तिमाही से तुलना: पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 13.9% था। यानी एट्रीशन रेट में 0.1% की बहुत मामूली कमी आई है, जिससे स्थिति लगभग स्थिर मानी जाएगी। अगली तिमाही में बिजनेस 1.50% घट सकता है विप्रो ने साल की तीसरी तिमाही के लिए भी अपना अनुमान जारी कर दिया है। कंपनी को उम्मीद है कि उसकी आईटी सेवाओं से होने वाली कमाई 2.57 बिलियन डॉलर से 2.62 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹24,000 से ₹25,000 करोड़ के बीच रहेगी। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का कारोबार 1.5% घट सकता है या फिर इसमें ज्यादा से ज्यादा 0.5% की ही हल्की बढ़त हो सकती है। CEO बोले- AI कंपनी की ग्रोथ का जरिया बनेगा विप्रो के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीनि पल्लिया ने बताया कि कंपनी ने AI और नई तकनीकों में भारी निवेश किया है। अब इसके सकारात्मक परिणाम मिलने लगे हैं। इस निवेश की मदद से कंपनी को नए बाजारों में पैठ बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही, विप्रो पुराने ग्राहकों के साथ अपना बिजनेस बढ़ाने में भी सफल हो रही है। उन्होंने कहा कि एआई आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ का मुख्य जरिया बनेगा। इससे तकनीक और बिजनेस के क्षेत्र में नए बाजार और अवसर पैदा होंगे। कर्मचारियों पर निवेश के बाद भी मुनाफा बेहतर कंपनी की CFO अपर्णा अय्यर ने आर्थिक स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस तिमाही में विप्रो की मुख्य कमाई में से बचत यानी ऑपरेटिंग मार्जिन 16.5% रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी की इस बचत में 0.5% का सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि विप्रो ने अपने बिजनेस को बढ़ाने और कर्मचारियों पर लगातार पैसा खर्च किया है। इसके बावजूद कंपनी अपनी बचत दर (मार्जिन) बढ़ाने में सफल रही है।

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