यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली की साकेत कोर्ट से जारी नया समन उनके गुरुग्राम स्थित आवास पर चस्पा किया गया है। वे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार सोसाइटी में रहते हैं। कल सीजेपी का प्रोटेस्ट भी होना है, ऐसे में कोर्ट के ताजा समन से ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे द्वारा वर्ष 2018 में दर्ज कराए गए एक आपराधिक मानहानि मामले में अदालत ने शिकायतकर्ता को ‘दस्ती’ सेवा के तहत समन तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति दी थी, जिसके बाद वे गुरुग्राम पहुंचे। मामले की अगली सुनवाई परसों यानि 17 अक्टूबर को होनी है। हालांकि कल 16 अक्टूबर को सीजेपी का दिल्ली में प्रोटेस्ट भी है, जिसमें ध्रुव राठी को शामिल होना है। पिछले प्रोटेस्ट के दौरान गुरुग्राम पुलिस ने ध्रुव को उसके घर से डिटेल कर क्राइम ब्रांच ऑफिस में रखा था और देर रात को छोड़ा था। तीन प्वाइंट में समझिए नोटिस चस्पा करने की नौबत क्यों आई………………. सालों से समन की तामील न होना: भाजपा आईटी सेल सदस्य विकास पांडे द्वारा साल 2018 में दायर किए गए आपराधिक मानहानि मामले में कोर्ट ने ध्रुव को पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया था। शिकायतकर्ता पक्ष पिछले कई सालों से उन्हें यह नोटिस भेजने का प्रयास कर रहा था, लेकिन नोटिस उन तक डिलीवर नहीं हो पा रहा था। विदेश में स्थायी निवास: अदालत को सूचित किया गया कि ध्रुव राठी करीब 7 सालों से आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं। भारत में उनके स्थायी रूप से मौजूद न रहने के कारण अदालती समन की भौतिक तामील कराना लगातार मुश्किल बना हुआ था। भारत आने पर नोटिस लेने से इनकार: शिकायतकर्ता के वकील सुशांत कुमार के मुताबिक उन्होंने ध्रुव राठी को फोन के जरिए संपर्क किया, लेकिन राठी ने अदालती नोटिस को सीधे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बार-बार प्रयास करने के बाद भी जब राठी ने समन नहीं लिया, तो कोर्ट के आदेशानुसार सोसाइटी के सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में समन को उनके घर के मुख्य दरवाजे के बाहर चस्पा दिया गया। अब विस्तार से जानिए क्या है 2018 का मामला…………… बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2: साल 2018 में ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर ‘BJP IT Cell Part 2’ शीर्षक से एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में राठी ने उन पर और बीजेपी आईटी सेल पर कई निराधार आरोप लगाए थे, जिससे उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचा। रिश्वत और बदनाम करने का आरोप: ध्रुव राठी ने अपने इस वीडियो में आरोप लगाया था कि भाजपा के आईटी सेल ने विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे के माध्यम से एक व्यक्ति महावीर प्रसाद को रिश्वत देने की कोशिश की थी। वीडियो में दावा किया गया था कि विकास पांडे ने ध्रुव राठी को बदनाम करने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की थी। मानहानि का केस: इन आरोपों के बाद खुद को भाजपा आईटी सेल का एक गौरवान्वित सदस्य बताने वाले विकास पांडे ने दिल्ली की साकेत कोर्ट का रुख किया। उन्होंने ध्रुव के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया। पांडे का कहना था कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से झूठे, मनगढ़ंत और उनकी सामाजिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाले हैं। अब क्यों एक्शन में आई कोर्ट? शिकायतकर्ता विकास पांडे ने अदालत में याचिका दायर कर बताया कि ध्रुव राठी वर्तमान में भारत आए हुए हैं और दिल्ली-एनसीआर में मौजूद हैं। इसके बाद कोर्ट ने नया समन जारी किया और शिकायतकर्ता को अदालती स्टाफ के साथ जाकर खुद नोटिस तामील कराने की विशेष अनुमति दी। इसी आदेश के तहत उनके गुरुग्राम आवास के बाहर कानूनी समन चिपकाया गया है। विकास का दावा-अरविंद केजरीवाल माफी मांगने की पेशकश कर चुके शिकायतकर्ता विकास ने मीडिया के सामने कहा कि इसी मामले में विवादित वीडियो को रीट्वीट करने के कारण दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केजरीवाल अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने की बात कह चुके हैं। ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया था यह अदालती कार्रवाई ध्रुव राठी की हालिया पुलिस हिरासत के ठीक बाद हुई है। दरअसल 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले एक बड़े प्रदर्शन से पहले दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर राठी को उनके इसी सेक्टर-56 स्थित घर से हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें देर रात रिहा किया गया था। हिरासत से बाहर आने के बाद राठी ने कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।

