‘आरोपी की उम्र 45 साल है। उसने जो किया है, उसे माफ नहीं किया जा सकता है। आप समझिए कि जब वो जानवर के साथ ऐसा कर सकता है, तो गांव की महिलाओं और बच्चियों के बारे में क्या सोचता होगा। कुछ लोगों ने बताया है कि आरोपी गांव की महिलाओं और लड़कियों को गलत नजर से देखता है।’ मुकेश कुमार, शिकायतकर्ता दरअसल, भोजपुर जिले के संदेश इलाके में एक फीमेल डॉग के साथ पिछले एक साल से रेप का मामला सामने आया है। आरोप बिछियांव गांव के रहने वाले 45 साल के दीपचंद राम पर लगा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अधेड़ ने 5 अक्टूबर की रात अंधेरे का फायदा उठाकर अपने ही घर में फीमेल डॉग के साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। पेटा इंडिया में मामला जाने के बाद सामने आया है। शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने बताया कि आरोपी कुल छह बच्चों, चार बेटियों और दो बेटों का पिता है। उधर, शिकायत के बाद संदेश थाना की पुलिस ने 7 अक्टूबर को BNS की धारा 62 और 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनयम,1960 की धारा 11(1)(ए) और 11(1)(i) के तहत FIR दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पशु अधिकार संगठन पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा इंडिया) के हस्तक्षेप और स्थानीय देखभालकर्ता के शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने बताया कि गांव का दीपचंद राम पिछले एक साल से आवारा जानवरों को अपनी हवस का शिकार बना रहा है। गांव के कई लड़कों ने उसे पहले भी रंगे हाथों पकड़ा था। हालांकि, कोई ठोस सबूत नहीं होने के कारण गांव के लोग उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते थे। गांव के लोगों का कहना था कि जब तक इस तरह की घटना का कोई प्रमाण नहीं मिलेगा, तब तक आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई करना संभव नहीं होगा। मुकेश ने बताया कि मैं 5 अक्टूबर की रात कुछ लोगों के साथ मछली पकड़कर गांव लौट रहा था। इसी दौरान मेरी नजर दीपचंद राम पर पड़ी। मैंने देखा दीपचंद एक फीमेल डॉग को गोद में उठाकर अपने घर की ओर ले जा रहा था। इसके बाद हम लोग दीपचंद का पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंच गए। देखा कि दीपचंद राम फीमेल डॉग को गोद में लेकर कमरे में गया और उसके साथ रेप किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी पिछले एक साल से फीमले डॉग के साथ रेप की वारदात को अंजाम दे रहा था। चूंकि कोई सबूत नहीं था, इसलिए मैंने वीडियो बना लिया। मुकेश ने बताया कि इसके बाद मैंने पशु संरक्षण से जुड़े संगठन पेट इंडिया से संपर्क किया। फिर संदेश थाने में आवेदन देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 का भी उल्लेख किया है। उन्होंने पशु को नुकसान पहुंचाने, अपंग बनाने या उसे बेकार कर देने से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मादा कुत्ते के साथ यौन कृत्य को गंभीर और अमानवीय बताते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने का अनुरोध किया है। मुकेश ने यह भी आरोप लगाया कि प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद उन्हें कई लोगों की ओर से धमकियां दी जा रही हैं। कुछ लोग उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि उन्होंने मामला वापस नहीं लिया, तो उन्हें झूठे छेड़खानी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अधिनियम से जुड़े मामले में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। ‘छह बच्चों का पिता था, फिर भी आवारा जानवरों का रेप करता था’ वहीं, आरोपी के पड़ोसी बिछियांव गांव के रहने वाले गुड्डू ने बताया कि दीपचंद राम छह बच्चों का पिता होने के बावजूद आवारा जानवरों को अपना शिकार बनाता था। गुड्डू के अनुसार, 5 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे आरोपी गली में घूम रहे एक मादा आवारा कुत्ते को गोद में उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने बताया कि इस तरह की हरकतों को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई उनकी बातों पर विश्वास नहीं करता था। लोग सबूत मांगते थे और बिना प्रमाण के कार्रवाई की बात पर भरोसा नहीं करते थे। गुड्डू ने बताया कि जब घटना का वीडियो बनाया गया और उसे गांव के लोगों को दिखाया गया, तब मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी बेजुबान जानवर के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। गुड्डू ने आरोपी के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए उसे खराब स्वभाव का व्यक्ति बताया। ‘आरोपी गांव की महिलाओं और लड़कियों को गलत नजर से देखता है’ ग्रामीण दीपक ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद गांव में तनाव का माहौल है। उनका आरोप है कि दीपक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह का कृत्य करने का आरोप है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे व्यवहार से गांव की महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती है। दीपक का आरोप है कि आरोपी गांव की महिलाओं और लड़कियों को गलत नजर से देखता है और अक्सर गलियों में घूमता रहता है। दीपक ने बताया कि घटना के बाद से दीपचंद राम घर छोड़कर फरार है। दीपक ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपी की तलाश कर उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने और शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने की मांग की। घटना के बाद सरकारी पशु चिकित्सक ने मादा कुत्ते की पशु चिकित्सकीय जांच भी की है। उसका स्वाब लिया गया। फिलहाल कुत्ता स्थानीय देखभालकर्ता की निगरानी में है। उधर, संदेश थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ‘पशुओं के प्रति क्रूरता किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं’ घटना की जानकारी के बाद पेटा इंडिया की सलोनी सकरिया ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए संदेश थानाध्यक्ष संजीव कुमार की सराहना की। सलोनी सकरिया ने कहा कि कई अध्ययनों में पशुओं के प्रति क्रूरता और इंसानों के खिलाफ हिंसा के बीच संबंध सामने आया है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने और समय पर कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार से भारतीय न्याय संहिता (BNS) में संशोधन करने की मांग की, ताकि पशुओं के साथ यौन शोषण को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कानून में इस तरह के कृत्यों के लिए स्पष्ट प्रावधान होने से पशुओं के संरक्षण और उनके खिलाफ होने वाली क्रूरता पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। ‘आरोपी की उम्र 45 साल है। उसने जो किया है, उसे माफ नहीं किया जा सकता है। आप समझिए कि जब वो जानवर के साथ ऐसा कर सकता है, तो गांव की महिलाओं और बच्चियों के बारे में क्या सोचता होगा। कुछ लोगों ने बताया है कि आरोपी गांव की महिलाओं और लड़कियों को गलत नजर से देखता है।’ मुकेश कुमार, शिकायतकर्ता दरअसल, भोजपुर जिले के संदेश इलाके में एक फीमेल डॉग के साथ पिछले एक साल से रेप का मामला सामने आया है। आरोप बिछियांव गांव के रहने वाले 45 साल के दीपचंद राम पर लगा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अधेड़ ने 5 अक्टूबर की रात अंधेरे का फायदा उठाकर अपने ही घर में फीमेल डॉग के साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। पेटा इंडिया में मामला जाने के बाद सामने आया है। शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने बताया कि आरोपी कुल छह बच्चों, चार बेटियों और दो बेटों का पिता है। उधर, शिकायत के बाद संदेश थाना की पुलिस ने 7 अक्टूबर को BNS की धारा 62 और 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनयम,1960 की धारा 11(1)(ए) और 11(1)(i) के तहत FIR दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पशु अधिकार संगठन पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा इंडिया) के हस्तक्षेप और स्थानीय देखभालकर्ता के शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने बताया कि गांव का दीपचंद राम पिछले एक साल से आवारा जानवरों को अपनी हवस का शिकार बना रहा है। गांव के कई लड़कों ने उसे पहले भी रंगे हाथों पकड़ा था। हालांकि, कोई ठोस सबूत नहीं होने के कारण गांव के लोग उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते थे। गांव के लोगों का कहना था कि जब तक इस तरह की घटना का कोई प्रमाण नहीं मिलेगा, तब तक आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई करना संभव नहीं होगा। मुकेश ने बताया कि मैं 5 अक्टूबर की रात कुछ लोगों के साथ मछली पकड़कर गांव लौट रहा था। इसी दौरान मेरी नजर दीपचंद राम पर पड़ी। मैंने देखा दीपचंद एक फीमेल डॉग को गोद में उठाकर अपने घर की ओर ले जा रहा था। इसके बाद हम लोग दीपचंद का पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंच गए। देखा कि दीपचंद राम फीमेल डॉग को गोद में लेकर कमरे में गया और उसके साथ रेप किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी पिछले एक साल से फीमले डॉग के साथ रेप की वारदात को अंजाम दे रहा था। चूंकि कोई सबूत नहीं था, इसलिए मैंने वीडियो बना लिया। मुकेश ने बताया कि इसके बाद मैंने पशु संरक्षण से जुड़े संगठन पेट इंडिया से संपर्क किया। फिर संदेश थाने में आवेदन देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 का भी उल्लेख किया है। उन्होंने पशु को नुकसान पहुंचाने, अपंग बनाने या उसे बेकार कर देने से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मादा कुत्ते के साथ यौन कृत्य को गंभीर और अमानवीय बताते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने का अनुरोध किया है। मुकेश ने यह भी आरोप लगाया कि प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद उन्हें कई लोगों की ओर से धमकियां दी जा रही हैं। कुछ लोग उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि उन्होंने मामला वापस नहीं लिया, तो उन्हें झूठे छेड़खानी और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अधिनियम से जुड़े मामले में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। ‘छह बच्चों का पिता था, फिर भी आवारा जानवरों का रेप करता था’ वहीं, आरोपी के पड़ोसी बिछियांव गांव के रहने वाले गुड्डू ने बताया कि दीपचंद राम छह बच्चों का पिता होने के बावजूद आवारा जानवरों को अपना शिकार बनाता था। गुड्डू के अनुसार, 5 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे आरोपी गली में घूम रहे एक मादा आवारा कुत्ते को गोद में उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने बताया कि इस तरह की हरकतों को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई उनकी बातों पर विश्वास नहीं करता था। लोग सबूत मांगते थे और बिना प्रमाण के कार्रवाई की बात पर भरोसा नहीं करते थे। गुड्डू ने बताया कि जब घटना का वीडियो बनाया गया और उसे गांव के लोगों को दिखाया गया, तब मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी बेजुबान जानवर के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। गुड्डू ने आरोपी के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए उसे खराब स्वभाव का व्यक्ति बताया। ‘आरोपी गांव की महिलाओं और लड़कियों को गलत नजर से देखता है’ ग्रामीण दीपक ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद गांव में तनाव का माहौल है। उनका आरोप है कि दीपक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह का कृत्य करने का आरोप है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे व्यवहार से गांव की महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती है। दीपक का आरोप है कि आरोपी गांव की महिलाओं और लड़कियों को गलत नजर से देखता है और अक्सर गलियों में घूमता रहता है। दीपक ने बताया कि घटना के बाद से दीपचंद राम घर छोड़कर फरार है। दीपक ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपी की तलाश कर उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने और शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने की मांग की। घटना के बाद सरकारी पशु चिकित्सक ने मादा कुत्ते की पशु चिकित्सकीय जांच भी की है। उसका स्वाब लिया गया। फिलहाल कुत्ता स्थानीय देखभालकर्ता की निगरानी में है। उधर, संदेश थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ‘पशुओं के प्रति क्रूरता किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं’ घटना की जानकारी के बाद पेटा इंडिया की सलोनी सकरिया ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए संदेश थानाध्यक्ष संजीव कुमार की सराहना की। सलोनी सकरिया ने कहा कि कई अध्ययनों में पशुओं के प्रति क्रूरता और इंसानों के खिलाफ हिंसा के बीच संबंध सामने आया है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने और समय पर कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार से भारतीय न्याय संहिता (BNS) में संशोधन करने की मांग की, ताकि पशुओं के साथ यौन शोषण को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कानून में इस तरह के कृत्यों के लिए स्पष्ट प्रावधान होने से पशुओं के संरक्षण और उनके खिलाफ होने वाली क्रूरता पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

