मेरी कोई गलती नहीं है… नितिन गौर नाम के कस्टमर ने सब कुछ किया है, बहुत परेशान हूं… कोई सुनने वाला नहीं है। मेरे मोबाइल का पासवर्ड… है। इसमें सबकुछ सेव है, 7 अक्टूबर से ये सब चल रहा है। पत्नी के वाट्सएप पर यह मैसेज भेजकर बंधन बैंक के मैनेजर 34 वर्षीय अनुराग बाजपेई ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। ग्राहक की धोखाधड़ी और शिकायत पर कार्रवाई न होने से परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की तो कमरे से सुसाइड नोट और एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया एप्लीकेशन मिला। जांच में सामने आया कि मैनेजर ने सुसाइड करने से पहले पत्नी को ग्राहक की धोखधड़ी से परेशान होने की बात मैसेज में लिखी थी। किदवई नगर में 2 साल से अकेले रह रहे थे मूलरूप से उन्नाव के बांगरमऊ निवासी अनुराग बाजपेई गोविंद नगर स्थित बंधन बैंक के गोल्ड लोन विभाग में मैनेजर थे। वह दो साल से किदवई नगर के एम ब्लाक में शैलजा के मकान में किराये पर अकेले रह रहे थे। परिवार में पत्नी दिव्या और तीन बच्चे वैभव, मृत्युंजय व ढाई साल की बेटी देविका हैं। पिता रामचंद्र के मुताबिक, अनुराग उनके 9 बच्चों में छठवें नंबर का था। उसने बुधवार दोपहर 2:52 से 2:56 बजे के बीच पत्नी को मोबाइल पर कई मैसेज भेजे थे, जिसमें लिखा था कि 7 अक्टूबर से मामला चल रहा है। ग्राहक नितिन गौर ने सब कुछ किया है… उनकी कोई गलती नहीं है। उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है… दिव्या ने 3:10 बजे मैसेज देखकर लिखा–पूरी बात तो बताते नहीं हो… जिसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दिव्या ने परिवार के लोगों को जानकारी देने के साथ बैंक में फोन किया। बैंक का एक कर्मचारी घर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दिव्या को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बाबूपुरवा ACP को लिखा प्रार्थना-पत्र भी मिला परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पुलिस ने फोरेंसिक टीम के सामने दरवाजा खुलवाया तो अनुराग का शव पंखे से लटका मिला। जांच के दौरान कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। वहीं, कमरे से ग्राहक से परेशान होकर एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया प्रार्थना पत्र भी मिला है। बाबूपुरवा थानाप्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि सुसाइड नोट और परिवार की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

