CJP फंडिंग पर मैरी मिलबेन और अभिजीत दिपके आमने-सामने:मिलबेन बोलीं- फेल हुए तो अमेरिकी डोनर्स छोड़ देंगे, बेहतर है पीएम के साथ बैठो, भारत को आगे बढ़ाओ

CJP फंडिंग पर मैरी मिलबेन और अभिजीत दिपके आमने-सामने:मिलबेन बोलीं- फेल हुए तो अमेरिकी डोनर्स छोड़ देंगे, बेहतर है पीएम के साथ बैठो, भारत को आगे बढ़ाओ

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बीच तीखी बहस हुई। दोनों ने भारत में प्रदर्शन कर रहे संगठन की विदेशी फंडिंग को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधा। यह विवाद नई दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच हुआ। मिलबेन ने X पर दावा किया कि CJP को अमेरिका में रहने वाले डोनर्स से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने भारत के युवाओं से इस संगठन की “विघटनकारी सोच” के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की थी। मिलबेन पर पलटवार करते हुए दीपके ने पूछा कि पीएम मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों ले रहे हैं। नई दिल्ली में प्रदर्शन के बीच विवाद विपक्षी दल और CJP नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इन दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं। इसी बीच मिलबेन और दिपके के बीच विदेशी फंडिंग को लेकर बयानबाजी शुरू हुई। दिपके ने मिलबेन को जवाब देते हुए कहा, “विदेशी नागरिकों को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार किसने दिया? हम अपने मुद्दों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। हमें अपने देश के मामलों में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।” मैरी का जवाब- पीएम के साथ बैठो और भारत को आगे बढ़ाने में मदद करो अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने अभिजीत दीपके के आरोप के जवाब में एक पोस्ट की है। मैरी मिलबेन ने पोस्ट में लिखा… “ओह डियर अभिजीत दिपके, सच सभी को आजाद करता है। आपको भी। और यह सच है: जब आप कामयाब नहीं होंगे, तो ये अमेरिकी डोनर्स आपको ऐसे छोड़ देंगे, जैसे कोई गर्म केक छोड़ देता है। और तुम सफल नहीं होगे, क्योंकि गैर-कानूनी काम कभी नहीं जीतते। इसके बजाय, अपनी अमेरिकी शिक्षा और टैलेंट का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए करो। पीएम के साथ बैठो और भारत को आगे बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक आवाज़ बनो। सही काम करने की तुम्हारी हिम्मत का सच तुम्हारे अगले कदमों में दिखेगा।” प्रधानमंत्री मोदी जून 2023 में अपने अमेरिकी यात्रा के दौरान सिंगर मैरी मिलबेन से मिले थे। 4 मौकों पर मिलबेन ने मोदी को सपोर्ट किया 1. किसान आंदोलन पर: मिलबेन ने फरवरी 2021 में किसान आंदोलन के दौरान मोदी सरकार के कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्हें किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के मोदी के विजन पर भरोसा है। 2. मणिपुर हिंसा पर: अगस्त 2023 में मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर भी उन्होंने मोदी का समर्थन किया था। उन्होंने उस समय कहा था कि भारत को अपने नेता पर भरोसा है और मोदी मणिपुर के लोगों की आजादी के लिए लड़ेंगे। 3. BBC की गुजरात दंगों पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर: मिलबेन ने BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘India: The Modi Question’ की आलोचना करते हुए मोदी सरकार का समर्थन किया था। 2023 में आई इस डॉक्यूमेंट्री में 2002 के गुजरात दंगों के दौरान नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। 4. CAA कानून पर: मार्च 2024 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू होने पर भी मिलबेन ने मोदी सरकार के फैसले की तारीफ की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भारतीय मतदाताओं से मोदी को वोट देने की अपील भी की थी। भारत में भी CJP फंडिंग पर उठे थे सवाल बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दीपके की अमेरिका में पढ़ाई के खर्च पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या इसके पीछे अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ा कोई फाउंडेशन था। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष और CJP पर विदेशी मदद से देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया था। इसके अलावा, अगस्त 2026 में RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने दीपके की पढ़ाई के खर्च और CJP के कानूनी सहायता फंड की जांच की मांग की थी। दीपके ने कहा था- CJP का खर्च दोस्त मिलकर उठाते हैं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। CJP के आंदोलनों के खर्च पर दीपके ने कहा था कि वह और उनके दोस्त मिलकर पैसा जुटाते हैं। उनके मुताबिक, संगठन को किसी बाहरी डोनर या बड़े उद्योगपति से आर्थिक मदद नहीं मिली है। आगे उन्होंने क्राउडफंडिंग से पैसा जुटाने की योजना भी बताई थी। विदेशी फंडिंग के आरोपों पर दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल किया था। उनका कहना था कि अगर आंदोलन में विदेशी पैसा आया है, तो इसकी जांच और रोकथाम की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है।

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