‘एमएलसी चुनाव में एनडीए के पक्ष में जबरदस्त लहर’:मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया बोले- जनसुराज का कोई असर नहीं, वोटर्स का हमारे कैंडिडेट्स को आशीर्वाद

‘एमएलसी चुनाव में एनडीए के पक्ष में जबरदस्त लहर’:मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया बोले- जनसुराज का कोई असर नहीं, वोटर्स का हमारे कैंडिडेट्स को आशीर्वाद

विधान पार्षद (एमएलसी) चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा आसमान पर पहुंच गया है। सभी राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए धुआंधार प्रचार में जुट गए हैं। इसी सिलसिले में बिहार सरकार के मुख्य सचेतक सह भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौरसिया ने बेगूसराय का दौरा कर स्थानीय व्यवसायियों और प्रबुद्ध जनों से बात की। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आगामी एमएलसी चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों की रिकॉर्ड जीत का दावा किया। इसके साथ ही विपक्षी दलों पर तीखे राजनीतिक हमले किए। संजीव चौरसिया ने कहा कि व्यावसायिक वर्ग हमेशा से एक समझदार और बुद्धिजीवी वर्ग की श्रेणी में आता है, और इस क्षेत्र के मतदाता भी पूरी तरह प्रबुद्ध हैं। बैठक के दौरान सभी व्यवसायियों और बुद्धिजीवियों ने एकसुर में एनडीए के प्रत्याशियों को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। ‘चुनाव में जनसुराज का कोई भी प्रभाव या असर देखने को नहीं मिलने वाला’ उन्होंने स्पष्ट किया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित उम्मीदवार सर्वेश कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घनश्याम राय चुनाव मैदान में हैं। जिन्हें सभी का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास और जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार जिस निष्ठा और गति से काम कर रही है, उसे देखते हुए तमाम प्रबुद्ध मतदाता एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए सभी मतदाताओं से एनडीए के पक्ष में मुहर लगाने का आह्वान किया। संजीव चौरसिया ने कहा कि इस चुनाव में जनसुराज का कोई भी प्रभाव या असर देखने को नहीं मिलने वाला है। बिहार सरकार जनहित की योजनाओं, बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में धरातल पर काम कर रही है, उससे जनता संतुष्ट है। ‘चुनाव किसी को भटकाने, लटकाने या बहकाने वाला नहीं है’ संजीव चौरसिया ने कहा कि यह चुनाव किसी को भटकाने, लटकाने या बहकाने वाला नहीं है, बल्कि विकास और प्रगति पर मुहर लगाने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए के पक्ष में न केवल बेगूसराय, बल्कि पूरे बिहार में जगह-जगह से भारी जनसमर्थन मिल रहा है और इस चुनाव में भी एनडीए की ऐतिहासिक जीत तय है। वोट चोरी और एसआईआर को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी इस तरह के हथकंडे अपना चुका है। बिहार की सड़कों पर वोट चोरी के नाम पर आंदोलन करके लोग पहले भी देख चुके हैं, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया और इन आंदोलनों का कोई फायदा नहीं हुआ। जो नाम मतदाता सूची से छूट गए हैं, उन्हें जोड़ने का सकारात्मक प्रयास किया जाना चाहिए। लेकिन इसके विपरीत विपक्ष सिर्फ संवैधानिक और संसदीय व्यवस्था को चरमराने की साजिश रच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह रोना महज एक ढोंग है कि देश का संविधान खतरे में है। जबकि हकीकत यह है कि संविधान में बार-बार संशोधन करने और देश को संकट में डालने का काम खुद विपक्ष ने अपने शासनकाल में किया है। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के लगातार इस तरह के आंदोलन करना केवल देश और राज्य की व्यवस्था को अव्यवस्थित करने की सोची-समझी साजिश है, जिसे देश और राज्य की जनता भली-भांति जानती है। महागठबंधन के अंदर चल रहे अंतर्विरोध और चुनावी रणनीतियों को फिक्स करार दिया महागठबंधन के भीतर चल रहे अंतर्विरोध और चुनावी रणनीतियों पर करारा प्रहार करते हुए संजीव चौरसिया ने इसे एक फिक्स मैच करार दिया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के घटक दल एमएलसी चुनाव में भले ही अलग-अलग मैदान में उतरकर अपनी अलग राजनीतिक जमीन तलाश रहे हों, लेकिन वोट चोरी और एसआईआर जैसे मुद्दों पर वे पूरी तरह एकजुट होकर चूहा-बिल्ली का खेल खेलते हैं। यह केवल आपसी घालमेल और तालमेल की राजनीति है, जिसे बिहार की जनता अब और बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता सब जानती है कि इन्हें कब और कहां डाउन होना है और कब अप होना है। उन्होंने कहा कि देश के हर कोने में एनडीए को जनता का अपार समर्थन मिल रहा है और चुनाव परिणाम भाजपा व एनडीए के पक्ष में आ रहे हैं। इससे विपक्ष पूरी तरह हताश और निराश हो चुका है, जिसके चलते वे अनर्गल और बेतुके मुद्दों को उठाकर समाज में भ्रम फैलाने की असफल कोशिश कर रहे हैं। विधान पार्षद (एमएलसी) चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा आसमान पर पहुंच गया है। सभी राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए धुआंधार प्रचार में जुट गए हैं। इसी सिलसिले में बिहार सरकार के मुख्य सचेतक सह भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौरसिया ने बेगूसराय का दौरा कर स्थानीय व्यवसायियों और प्रबुद्ध जनों से बात की। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आगामी एमएलसी चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों की रिकॉर्ड जीत का दावा किया। इसके साथ ही विपक्षी दलों पर तीखे राजनीतिक हमले किए। संजीव चौरसिया ने कहा कि व्यावसायिक वर्ग हमेशा से एक समझदार और बुद्धिजीवी वर्ग की श्रेणी में आता है, और इस क्षेत्र के मतदाता भी पूरी तरह प्रबुद्ध हैं। बैठक के दौरान सभी व्यवसायियों और बुद्धिजीवियों ने एकसुर में एनडीए के प्रत्याशियों को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। ‘चुनाव में जनसुराज का कोई भी प्रभाव या असर देखने को नहीं मिलने वाला’ उन्होंने स्पष्ट किया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित उम्मीदवार सर्वेश कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घनश्याम राय चुनाव मैदान में हैं। जिन्हें सभी का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास और जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार जिस निष्ठा और गति से काम कर रही है, उसे देखते हुए तमाम प्रबुद्ध मतदाता एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए सभी मतदाताओं से एनडीए के पक्ष में मुहर लगाने का आह्वान किया। संजीव चौरसिया ने कहा कि इस चुनाव में जनसुराज का कोई भी प्रभाव या असर देखने को नहीं मिलने वाला है। बिहार सरकार जनहित की योजनाओं, बुनियादी ढांचे और शिक्षा के क्षेत्र में धरातल पर काम कर रही है, उससे जनता संतुष्ट है। ‘चुनाव किसी को भटकाने, लटकाने या बहकाने वाला नहीं है’ संजीव चौरसिया ने कहा कि यह चुनाव किसी को भटकाने, लटकाने या बहकाने वाला नहीं है, बल्कि विकास और प्रगति पर मुहर लगाने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए के पक्ष में न केवल बेगूसराय, बल्कि पूरे बिहार में जगह-जगह से भारी जनसमर्थन मिल रहा है और इस चुनाव में भी एनडीए की ऐतिहासिक जीत तय है। वोट चोरी और एसआईआर को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी इस तरह के हथकंडे अपना चुका है। बिहार की सड़कों पर वोट चोरी के नाम पर आंदोलन करके लोग पहले भी देख चुके हैं, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया और इन आंदोलनों का कोई फायदा नहीं हुआ। जो नाम मतदाता सूची से छूट गए हैं, उन्हें जोड़ने का सकारात्मक प्रयास किया जाना चाहिए। लेकिन इसके विपरीत विपक्ष सिर्फ संवैधानिक और संसदीय व्यवस्था को चरमराने की साजिश रच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह रोना महज एक ढोंग है कि देश का संविधान खतरे में है। जबकि हकीकत यह है कि संविधान में बार-बार संशोधन करने और देश को संकट में डालने का काम खुद विपक्ष ने अपने शासनकाल में किया है। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के लगातार इस तरह के आंदोलन करना केवल देश और राज्य की व्यवस्था को अव्यवस्थित करने की सोची-समझी साजिश है, जिसे देश और राज्य की जनता भली-भांति जानती है। महागठबंधन के अंदर चल रहे अंतर्विरोध और चुनावी रणनीतियों को फिक्स करार दिया महागठबंधन के भीतर चल रहे अंतर्विरोध और चुनावी रणनीतियों पर करारा प्रहार करते हुए संजीव चौरसिया ने इसे एक फिक्स मैच करार दिया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के घटक दल एमएलसी चुनाव में भले ही अलग-अलग मैदान में उतरकर अपनी अलग राजनीतिक जमीन तलाश रहे हों, लेकिन वोट चोरी और एसआईआर जैसे मुद्दों पर वे पूरी तरह एकजुट होकर चूहा-बिल्ली का खेल खेलते हैं। यह केवल आपसी घालमेल और तालमेल की राजनीति है, जिसे बिहार की जनता अब और बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता सब जानती है कि इन्हें कब और कहां डाउन होना है और कब अप होना है। उन्होंने कहा कि देश के हर कोने में एनडीए को जनता का अपार समर्थन मिल रहा है और चुनाव परिणाम भाजपा व एनडीए के पक्ष में आ रहे हैं। इससे विपक्ष पूरी तरह हताश और निराश हो चुका है, जिसके चलते वे अनर्गल और बेतुके मुद्दों को उठाकर समाज में भ्रम फैलाने की असफल कोशिश कर रहे हैं।  

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