अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन गांजगवेषणा के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जोधपुर जोनल यूनिट, एएनटीएफ राजस्थान और राजस्थान पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के मांडवा गांव में लगभग 57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली अवैध गांजे की खेती को नष्ट कर दिया है। मौके पर करीब 1 लाख से ज्यादा गांजे के पौधे मिले एनसीबी जोधपुर को एएनटीएफ राजस्थान से मांडवा गांव में अवैध गांजे की खेती की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी और क्षेत्र का मुआयना किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस और पटवारी को मौके पर बुलाया गया। पटवारी द्वारा भूमि का सत्यापन करने पर सामने आया कि यह अवैध खेती मांडवा गांव के 56 खसरा नंबरों में फैली हुई है। मौके पर गांजे के करीब 1,33,000 अवैध पौधे पाए गए। गांजे की कुल बाजार कीमत 199.50 करोड़ इन पौधों से लगभग 39 हजार 900 किलोग्राम गांजा मिलने की संभावना आंकी गई। जिसकी बाजार में 50 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की अनुमानित दर के आधार पर इस गांजे का कुल बाजार मूल्य लगभग 199.50 करोड़ आंका गया है। पुलिस मजदूर और ट्रैक्टर लगे नष्ट करने में अवैध गांजे के इन पौधों को नष्ट करने के लिए एनसीबी, एएनटीएफ और राजस्थान पुलिस के करीब 70 कार्मिकों के साथ-साथ 10 मजदूर और 3 ट्रैक्टरों की मदद ली गई। एनसीबी जोधपुर के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि ऑपरेशन गांजगवेषणा नारकोटिक्स नियंत्रण संबंधी विजन डॉक्यूमेंट (2026–29) के तहत चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य स्रोत स्तर पर ही मादक पदार्थों की समस्या को खत्म करना और केंद्र तथा राज्य की एजेंसियों के तालमेल से नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करना है। एनसीबी तस्करों और अवैध खेती पर नकेल कसने के लिए राज्य की अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार ऐसी कार्रवाई जारी रखेगी।

