शारदीय नवरात्र के चौथे दिन अररिया के दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा धूमधाम से हो रही है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालु आ-जा रहे हैं। घरों से लेकर मंदिरों तक भक्ति का माहौल है। भक्त मां को मालपुए, पेठे और शुद्ध घी का भोग लगाकर सुख-समृद्धि मांग रहे हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय पंडित सुमन झा और महंत पंडित कृष्णकांत तिवारी के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचनाकार और आदिशक्ति माना जाता है। मान्यता है कि जब चारों ओर अंधकार था और सृष्टि नहीं थी, तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड बनाया था। मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। उनके हाथों में कमल, धनुष, बाण, कमंडल, चक्र, गदा, जपमाला और अमृत कलश हैं। उनका वाहन सिंह है। नवरात्र के चौथे दिन इनकी पूजा से सुख, शांति और समृद्धि मिलती है। पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह है। मंदिरों में भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। शहर से गांव तक नवरात्र की धूम अररिया जिला मुख्यालय के शास्त्री नगर दुर्गा मंदिर, ठाकुरबाड़ी दुर्गा मंदिर, अररिया आरएस दुर्गा मंदिर, जयप्रकाश नगर स्थित नवदुर्गा कला मंदिर, आश्रम दुर्गा मंदिर, समिति दुर्गा मंदिर, आड़गरा दुर्गा मंदिर, पुराना मंडल कारा दुर्गा मंदिर, माता स्थान स्थित दुर्गा मंदिर और अररिया कोट दुर्गा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में भी सुबह-शाम श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, फारबिसगंज, नरपतगंज, भरगामा, रानीगंज, कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी और जोकीहाट प्रखंडों के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में भी नवरात्र की रौनक है। जिलेभर में श्रद्धालु भक्ति भाव से मां की आराधना कर रहे हैं। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन अररिया के दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा धूमधाम से हो रही है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालु आ-जा रहे हैं। घरों से लेकर मंदिरों तक भक्ति का माहौल है। भक्त मां को मालपुए, पेठे और शुद्ध घी का भोग लगाकर सुख-समृद्धि मांग रहे हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय पंडित सुमन झा और महंत पंडित कृष्णकांत तिवारी के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचनाकार और आदिशक्ति माना जाता है। मान्यता है कि जब चारों ओर अंधकार था और सृष्टि नहीं थी, तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड बनाया था। मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। उनके हाथों में कमल, धनुष, बाण, कमंडल, चक्र, गदा, जपमाला और अमृत कलश हैं। उनका वाहन सिंह है। नवरात्र के चौथे दिन इनकी पूजा से सुख, शांति और समृद्धि मिलती है। पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह है। मंदिरों में भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। शहर से गांव तक नवरात्र की धूम अररिया जिला मुख्यालय के शास्त्री नगर दुर्गा मंदिर, ठाकुरबाड़ी दुर्गा मंदिर, अररिया आरएस दुर्गा मंदिर, जयप्रकाश नगर स्थित नवदुर्गा कला मंदिर, आश्रम दुर्गा मंदिर, समिति दुर्गा मंदिर, आड़गरा दुर्गा मंदिर, पुराना मंडल कारा दुर्गा मंदिर, माता स्थान स्थित दुर्गा मंदिर और अररिया कोट दुर्गा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में भी सुबह-शाम श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, फारबिसगंज, नरपतगंज, भरगामा, रानीगंज, कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी और जोकीहाट प्रखंडों के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में भी नवरात्र की रौनक है। जिलेभर में श्रद्धालु भक्ति भाव से मां की आराधना कर रहे हैं।

